कपड़ा उद्योग में देश के 47 शहरों में बुरहानपुर का नाम, अब और मिलगी गति

देश के 47 शहरों में बुरहानपुर का नाम

By: ranjeet pardeshi

Published: 27 Jul 2021, 11:20 AM IST

बुरहानपुर. देश के 150 शहर ऐसे हं, जहां कपड़ा बनता है, इसमें 47 शहरों में बड़े उद्योग है। इसमें बुरहानपुर का नाम भी शामिल है। देशभर में कपड़ा निर्यात होने के बाद बुरहानपुर की पहचान बन चुकी है। शहर के उद्योग की यह खासियत है कि 40 हजार पावरलूम पर कपड़ा बनकर तैयार होने के बाद इसकी फिनिशिंग से लेकर पैकिंग तक का काम हो रहा है। यह खासियत अन्य शहरों में नहीं है। अब मुख्यमंत्री ने जो मांगे मानी है, उससे भी उद्योग को अब गति मिलेगी।
शहर में कपड़ा उद्योग को और गति मिलने जा रही है। उद्योगपतियों की मांगों को सोमवार को भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मुहर लगा दी। अब रेहटा और सुखपुरी की जमीन पर 700 करोड़ का निवेश के काम को गति मिल सकेगी। प्रमुख रूप से सीएम ने जमीन की दर 110 से 80 रुपए प्रति स्क्वेयरफीट कर दी। दूसरी ऋण ब्याज पर 5 प्रतिशत का अनुदान और सुखपुरी जमीन को तैयार करने में 20 करोड़ रुपए देने के लिए मंजूरी दे दी।
ेचेंबर ऑफ कॉमर्स के नेतृत्व में मिले उद्योगपतियों के प्रतिनिधि सोमवार को भोपाल में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इसके पहले दो घंटे तक एमएसएमई के प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल ने मिटिंग ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने दस मिनट में शर्तों को मानकर मुहर लगाई। यह मांगे मानी जाने के बाद उद्योगपतियों को भी बड़ी राहत मिली।
यह बिंदू जिस सीएम ने माना
1. मांग- रेहटा खड़कोद की जमीन को 110 रुपए कीमत को 30 प्रतिशत कम कर 77 से 80 रुपए करना था।
माना- मुख्यमंत्री ने रेहटा खड़कोद की जमीन को 80 रुपए की दर करने पर मुहर लगाई।
2. मांग - रेहटा के पास सुखपुरी में 150 एकड़ जमीन औद्योगिक संगठन को दी जाए जिसे विकसित करने में 56 करोड़ का कुल खर्च आएगा, इस पर 35 करोड़ सरकार दे।
माना- मुख्यमंत्री ने कुल खर्च पर 35 की जगह 20 करोड़ देने पर हामी भरी। यह भी आश्वासन दिया कि आगे कोई तकलीफ होगी तो सरकार साथ होगी।
3. मांग- नई यूनिट लगाने पर जो लोन लिया जाता है उस पर लगने वाले ब्याज पर पांच प्रतिशत अनुदान सरकरा दे
माना- मुख्यमंत्री ने ब्याज ऋण पर पांच प्रतिशत अनुदान देने पर मुहर लगाई।

मांगे मान लेने से ये फायदा-
रेहटा-सुखपुरी में नया उद्योग बसने से कपड़े का उत्पादन बढ़ेगा। अभी एक दिन में 30 लाख मीटर कपड़े का उत्पादन आगे इससे दो गुना ज्यादा उत्पादन बढ़ेगा। वैश्विक बाजार में उभरकर सामने आएंगे।
ब्याज ऋण में अनुदान मिलने से नई यूनिट में बढ़ेगी। नए उद्योगपति भी इसमें तेजी से सामने आएंगे, निवेश बढ़ेगा।
जमीन बिकने के बाद सरकार को राजस्व के रूप में 1 करोड़ से अधिक का स्टॉम्प ड्यूटी शुल्क में फायदा होगा।
नया उद्योग बसेगा तो जीएसटी और अन्य टैक्स के रूप में सरकार को सालाना 40 करोड़ रुपए मिलेंगे।

अब नई जमीन ऐसे तैयार होगी
चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रशांत श्रॉफ ने बताया कि सुखपुरी में नई जमीन को विकसिक करने के लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) समिति का गठन करेंगे। इसमें वे ही लोग सदस्य होंगे जो निवेश करने वाले है। यह जमीन को विकसित करेंगे। यहां रोड, पानी, इटीपी आदि अधोसंरचना के काम करेंगे। एसपीवी ही यहां जमीन का मूल्य तय करेंगी। जमीन को 99 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा। एसपीवी की सहमति से ही प्लॉट का अलॉटमेंट होगा।

प्रदेश का यह पहला अनोखा क्लस्टर
प्रशांत श्रॉफ ने बताया कि बड़ी बात यह भी है कि यह टेक्सटाइल क्लस्टर प्रदेश का पहला ऐसा क्लस्टर होगा जिसे व्यापारियों द्वारा विकसित किया जाएगा। जिस पर एसपीवी समिति और सरकार मिलकर काम करेंगी। अधोसंरचना में बिजली के लिए सरकार ने रेहटा के सब स्टेशन से बिजली सप्लाय पर भी हामी भर दी।


यह उद्योगपति पहुंचे भोपाल
भोपाल में सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, नेपानगर विधायक सुमित्रा कास्डेकर, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस सहित चेंबर ऑफ कॉमर्स से प्रवीण चौकसे, विजय पोद्दार, आनंद चौकसे, बुरहानपुर टेक्सटइल ट्रेडर्स से अध्यक्ष कन्हैया मित्तल, दामोदर तोदी, सैयद फरीद, पवन लाठ, गोपाल दरगड़, प्रदीप तोदी आदि मौजूद हुए।

ranjeet pardeshi Bureau Incharge
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