script दीपावली तक ललितपुर-खजुराहो लाइन का विद्युतीकरण हो जाएगा पूरा | Electrification of Lalitpur-Khajuraho line will be completed by Diwali | Patrika News

दीपावली तक ललितपुर-खजुराहो लाइन का विद्युतीकरण हो जाएगा पूरा

locationछतरपुरPublished: Sep 22, 2022 05:00:13 pm

Submitted by:

Dharmendra Singh


बिजली से दौडेंगी 110 की रफ्तार में ट्रेनें, वंदे भारत एक्सप्रेस की खुलेगी राह

ईशानगर-उदयपुरा के बीच ओएचइ लाइन बिछी, अब लगाए जा रहे उपकरण
ईशानगर-उदयपुरा के बीच ओएचइ लाइन बिछी, अब लगाए जा रहे उपकरण
छतरपुर. दिल्ली से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस संचालन की राह आसान होती जा रही है। झांसी रेल मंडल के अंतर्गत ईशानगर से उदयपुरा के रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम अब अपने अंतिम दौर में है। अक्तूबर माह में दीपावली तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इस काम के पूरा होते ही खजुराहो तक का पूरा रेलवे ट्रैक इलेक्ट्रिक हो जाएगा। इसके बाद इस ट्रैक पर बिजली के सहारे ट्रेनें दौड़ेगी और बार-बार इंजन बदलने का झंझट भी नहीं रहेगा। इसके साथ ही ललितपुर-खजुराहो रेललाइन पर ट्रेनों की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रतिघंटे तक हो जाएगी।
पूरे मंडल में विद्युतीकरण हो जाएगा पूरा
झांसी रेल मंडल में 1401 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक है। इसमें से 1323 किमी लंबे ट्रैक पर ओएचइ लाइन डालकर उसका विद्युतीकरण किया जा चुका है। ललितपुर से खजुराहो के बीच ईशानगर-उदयपुरा सेक्शन में महज 78 किमी में काम बाकी है। इसके विद्युतीकृत का काम काफी समय से चल रहा है। अब जाकर यह काम पूरा होने की कगार पर आया है। पूरे ट्रैक पर ओएचइ लाइन बिछाई जा चुकी है। अब कुछ उपकरण स्थापित किए जाने का काम ही बाकी है। जो दीपावली तक पूरा हो जाएगा।
ललितपुर-खजुराहो के बीच विद्युतीकरण से शुरु होगी वंदेभारत
रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने खजुराहो प्रवास के दौरान दिल्ली से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की घोषणा की थी। लेकिन 78 किलोमीटर का रेलवे ट्रेक विद्युतीकृत न होने से ट्रेन का संचालन शुरु नहीं हो सका है। लेकिन अब लाइन इलेक्ट्रिक हो जाएगी। जिससे वंदे भारत ट्रेन के लिए भी राह खुल जाएगी।
आधा हो जाएगा खजुराहो से दिल्ली पहुंचने का समय
खजुराहो को ललितपुर के रास्ते नई दिल्ली से जोडऩे खजुराहो-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस 667 किलोमीटर का सफर तय करने में अभी 13.40 घण्टे का समय लेती है। वहीं, 100 किलोमीटर प्रतिघण्टा की औसत रफ्तार से चलने वाली वन्दे भारत एक्सप्रेस यही फासला मात्र 6.40 घण्टे में पूरा कर लेगी।

16 जनवरी 2014 को पहली बार छतरपुर आया था रेल इंजन
16 जनवरी 2014 को छतरपुर रेलवे स्टेशन पर पहला रेल इंजन आया था, जिससे ललितपुर से खजुराहो तक पूरे रेलवे ट्रैक का प्रथम परीक्षण किया गया। इसी पहल के तहत ललितपुर से टीकमगढ़ के मध्य 52 किमी लंबा रेलवे ट्रैक तैयार करके पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू किया गया। इसके बाद ट्रैक को आगे बढ़ाकर खजुराहो तक तैयार किया गया। इसके बाद यहां तेजी से विकास कार्यों ने गति पकड़ी। दो प्लेटफार्म तैयार हो गए, कई नई सुविधाजनक ट्रेनें भी चलने लगी हैं। अब रेल लाइन का विद्युतीकरण होने के बाद एक नई सुविधा मिल जाएगी।
इनका कहना है
ईशानगर उदयपुरा सेक्शन पर विद्युतीकृत का कार्य अंतिम चरण में है। इसके साथ ही झांसी मंडल की रेल लाइनें शत प्रतिशत विद्युतीकृत हो जाएंगी।
मनोज सिंह, पीआरओ, झांसी मंडल

फोटो- सीएचपी 220922-72- ईशानगर के पास डाली गई ओएचइ लाइन

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