scriptBudget 2024 | Budget 2024: बजट आने के बाद लोगों की ऐसी रही प्रतिक्रिया, कई ने अच्छा तो कई ने बताया दूरदर्शी | Patrika News

Budget 2024: बजट आने के बाद लोगों की ऐसी रही प्रतिक्रिया, कई ने अच्छा तो कई ने बताया दूरदर्शी

locationछिंदवाड़ाPublished: Feb 02, 2024 12:41:20 pm

Submitted by:

ashish mishra

टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से नौकरीपेशा जरूर मायूस हुए हैं।

Budget 2024: बजट आने के बाद लोगों की ऐसी रही प्रतिक्रिया, कई ने अच्छा तो कई ने बताया दूरदर्शी
Budget 2024: बजट आने के बाद लोगों की ऐसी रही प्रतिक्रिया, कई ने अच्छा तो कई ने बताया दूरदर्शी

छिंदवाड़ा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर गुरुवार को जगह-जगह लोगों ने परिचर्चा का आयोजन किया। बजट में महिलाओं, किसानों के लिए घोषणाएं की गई हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों, मजदूरों, डिफेंस सेक्टर, स्पेस रिसर्च एंड इनोवेशन क्षेत्र के लिए भी सरकार ने जरूरी ऐलान किया है। इससे अधिकतर वर्ग खुश नजर आए। हालांकि टैक्स स्लैब में बदलाव न होने से नौकरीपेशा जरूर मायूस हुए हैं। जिले में पूरे दिन बजट को लेकर गली-मोहल्ले एवं दुकानों में चर्चा होती रही। सरकार ने अंतरिम बजट में आम आदमी को इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं दी है। पुरानी टैक्स रिजीम चुनने पर अभी भी नौकरीपेशा लोगों के लिए 2.5 लाख रुपए तक की इनकम ही टैक्स फ्री रहेगी। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87ए के तहत 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स बचा सकते हैं। इस बार बजट में कुछ भी सस्ता या महंगा नहीं हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि वर्ष 2017 में लागू किए गए जीएसटी के बाद से बजट में केवल कस्टम ड्यूटी, एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाया या घटाया जाता है, जिसका असर गिनी-चुनी चीजों पर पड़ता है। इस बार सरकार ने कस्टम ड्यूटी या एक्साइज ड्यूटी में कोई भी बदलाव नहीं किया है। लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने अंतरिम बजट में किसानों के लिए कुछ खास ऐलान नहीं किए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि फसलों पर नैनो डीएपी का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा डेयरी विकास के क्षेत्र में अच्छा काम होगा और दुग्ध किसानों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का दायरा भी नहीं बढ़ाया है।
वित्तमंत्री ने कहा कि सभी आशा कर्मी बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा। लखपति दीदी योजना के तहत 3 करोड़ लखपति दीदी बनाई जाएगी। आने वाले 5 सालों में 2 करोड़ घर बनाए जाएंगे। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र के लिए अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों के साथ जोडऩे के लिए कमेटी बनेगी। 1 लाख करोड़ रुपए का कॉर्पस यानी कोष बनाया जाएगा। ये कॉर्पस 50 साल तक इंट्रेस्ट फ्री लोन प्रोवाइड करेगा। अंतरिम बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ी घोषणा की गई। माल ढोने के लिए बनाए जा रहे रेलवे कॉरिडोर के अलावा एनर्जी और सीमेंट कॉरिडोर, पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर और हाई डेंसिटी कॉरिडोर भी बनाए जाने की घोषणा की गई। इसके अलावा रेलवे के 40 हजार कोच को वंदे भारत स्टैंडर्ड का बनाने का ऐलान हुआ।
अंतरिम एवं पूर्ण बजट में होता है अंतर
जानकारों के अनुसार अंतरिम बजट एक अस्थाई व्यवस्था है, जिसमें नई सरकार के कार्यभार संभालने तक सरकारी आय और व्यय कवर होता है। जबकि पूर्ण बजट एक व्यापक वित्तीय योजना है, जिसमें सरकार आय, व्यय, आवंटन और नीतिगत घोषणाओं के सभी पहलू शामिल होते हैं।
-----------------------------------
लोकलुभावन नहीं दूरदर्शी बजट
चुनाव से पहले अंतरिम बजट से लोकलुभावन होने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। स्टार्टअप को मिलने वाले करलाभों को एक साल के लिए बढ़ाया जाना स्वागत योग्य है।
सचिन वर्मा, चार्टर्ड अकाउंटेंट
---------------------------------
मिला जुला है बजट
बजट से काफी उम्मीद थी। महंगाई को कम करने के लिए कोई खास ऐलान नहीं किया गया है। इसके अलावा रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुछ नहीं दिखा।
किशोर डवले, नौकरीपेशा
----------------------------------------
किसानों के लिए कुछ नहीं
मैं किसान परिवार से हूं। किसानी को बढ़ावा देने के लिए कोई घोषणा नहीं है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का दायरा भी नहीं बढ़ाया है।
श्रृष्टि, युवा
------------------------
बजट थोड़ी खुशी देने वाला
इंट्रेस्ट फ्री लोन की घोषणा से जरुरतमंद विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा। आशाकर्मी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाने की घोषणा स्वागत योग्य है।
प्रियांशी पांडे, युवा
------------------------------------
रोजगार को लेकर नहीं घोषणा
शिक्षा और रोजगार को लेकर कोई खास ऐलान नहीं किया गया है। हां यह जरूर है कि इस बार का बजट दूरदर्शी लग रहा है। देखना यह है आगामी समय में कैसा प्रभाव पड़ेगा।
हर्षित सोनी, युवा

ट्रेंडिंग वीडियो