नाबालिग से बलात्कार मामले में दस वर्ष का सश्रम कारावास

कोर्ट ने दिया निर्णय

By: prabha shankar

Updated: 03 Mar 2019, 11:34 AM IST

छिंदवाड़ा. पंद्रह वर्षीय नाबालिग से बलात्कार करने वाले आरोपी राजेन्द्र विश्वकर्मा को न्यायालय ने दस साल के सश्रम कारावास और दो हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। 26 अप्रैल 2016 को नाबालिग की मां से आरोपी राजेन्द्र विश्वकर्मा ने शाम पांच बजे बोला कि मैं कुछ दिन के लिए नाबालिग को अपने गांव लेकर जा रहा हूं। कुछ दिन रह लेगी फिर छोड़ दूंगा। नाबालिग और आरोपी आपस में परिचित थे जिसके चलते उसके साथ भेज दिया।
आरोपी बाइक से नाबालिग एवं उसके छोटे भाई को अपने गांव न ले जाकर छिंदवाड़ा किराए के मकान में लेकर गया। पीडि़ता को जान से मार देने की धमकी देकर जबरदस्ती बलात्कार किया। शादी करूंगा बोला। दूसरे दिन आरोपी पीडि़ता और उसके भाई को साथ गांव लेकर गया और वहां भी जबरदस्ती बलात्कार किया। आरोपी ने कुछ दिन बाद उन्हें घर लाकर छोड़ दिया। डर के चलते नाबालिग कुछ समय चुप रही, लेकिन बाद में उसने घटना के सम्बंध में माता-पिता को बताया। इसके बाद देहात थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। अपराध दर्ज कर पुलिस ने विवेचना के बाद अभियोग पत्र न्यायालय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश छिंदवाड़ा के न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण में शासन की ओर से दिनेश कुमार उइके विशेष लोक अभियोजक ने पैरवी की।

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