सांसद कमलनाथ पर बरसे विधायक, जानिए क्या थी वजह

सांसद कमलनाथ पर बरसे विधायक, जानिए क्या थी वजह

prabha shankar | Publish: May, 18 2018 09:00:00 AM (IST) Chhindwara, Madhya Pradesh, India

सांसद ने सडक़ सुरक्षा को लेकर एक सप्ताह में मांगी कार्ययोजना

छिंदवाड़ा . जिले में बढ़ रहे सडक़ हादसों पर सांसद कमलनाथ ने चिंता जताई है। वे जिला सडक़ सुरक्षा समिति के सदस्य भी हैं। गुरुवार की शाम को छिंदवाड़ा आए सांसद ने कलेक्ट्रेट में विधायक और प्रमुख अधिकारियों के साथ एक बैठक ली।
उन्होंने कहा कि बढ़ रहे सडक़ हादसे चिंताजनक हैं और सडक़ों पर चलने वालों की सुरक्षा और इन सडक़ों की व्यवस्थाओं को और किस तरह पुख्ता किया जा सकता है इस पर एक सप्ताह में कार्ययोजना बनाकर मुझे बताएं।
समिति के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि जिले में वाहन दुर्घटनाओं से सुरक्षा करना बहुत बड़ी समस्या है तथा इस समस्या का निराकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर समस्या का समाधान प्रभावी कार्ययोजना बनाकर करना होगा। इसमें एनएचएआई को किन-किन बिंदुओं पर कार्यवाही की जाना है इसे भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में जितने भी खतरे वाले पाइंट हैं, वहां संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर आदि की व्यवस्था की जाए और जिन वाहनों का छिंदवाड़ा के भीतर प्रवेश करने का कोई औचित्य नहीं है उन्हें बायपास से बाहर से ही भेजें। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके द्वारा बनाए गए सभी मार्गों की कमियों और किए जाने वाले उपायों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करें। छिंदवाडा शहर में सुव्यवस्थित यातायात के लिए जनजागरुकता अभियान चलाने के लिए भी उन्होंने कहा।

गुणवत्ताविहीन बना एनएच: विधायक
बैठक में छिंदवाड़ा विधायक चौधरी चंद्रभान सिंह ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले में एनएचएआई द्वारा बनाई गई सडक़ों में ग्रामों में जाने वाले मार्ग पर न तो साइन बोर्ड लगे हैं न ही स्टॉपर बनाए गए हैं । पूरे जिले में लगभग यही स्थिति है। उन्होंने सांसद कमलनाथ के सामने कहा कि सडक़ बनते समय मैंने इन्हें यह बात स्मरण में लाई थी। उस समय उन्होंने ध्यान नहीं दिया। चौधरी ने कहा कि बैठक में चर्चा करने से काम नहीं चलेगा। उन्हें उच्च स्तर पर राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा कर तत्काल कार्य कराने के प्रयास करना चाहिए। एनएचएआई द्वारा मापदण्ड विहीन सडक़ें बनाई गईं, जिसके कारण छिंदवाड़ा जिले में दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में इजाफ ा हुआ है। चौधरी ने यह भी कहा कि वर्ष 1990 में मेरे द्वारा ओवरब्रिज का टेंडर तीन करोड़ 68 लाख रुपए का कराया था जो स्वीकृत भी हो चुका था और काम चालू होने ही वाला था, लेकिन कमलनाथ द्वारा कैंसिल कराकर बंद करवा दिया गया। अब जो ओवर ब्रिज बनाया गया है वह जनता के लिए पूर्ण उपयोगी सिद्ध नहीं हो रहा है।

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