Railway: 100 करोड़ के अभाव में डेढ़ माह से ठप हुई 13 सौ करोड़ की रेल परियोजना

निर्माण एजेंसियों का भी लगभग 50 करोड़ रुपए बकाया है।


छिंदवाड़ा. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के अंतर्गत छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट रेल परियोजना बजट के वजह से ठप पड़ी हुई है। गेज कन्वर्जन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 1 फरवरी को पेश किए गए रेल बजट में छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट रेल परियोजना को 200 करोड़ रुपए मिले हैं, लेकिन यह पैसे हमें अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक मिलेंगे। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए हमारे पास बजट नहीं हैं। निर्माण एजेंसियों का भी लगभग 50 करोड़ रुपए बकाया है। अधिकारी लगातार रेलवे बोर्ड से संपर्क कर रहे हैं। उनका कहना है कि लगभग डेढ़ माह से रेलवे बोर्ड को पत्र लिखा जा रहा है। अब तक बोर्ड ने न ही बजट जारी किया है और न ही कोई निर्णय लिया है। ऐसे में बजट के अभाव में छिंदवाड़ा-नैनपुर-मंडला फोर्ट रेल परियोजना दम तोड़ रही है। पहले इस परियोजना का पहला खंड पूरा करने के लिए मार्च 2020 में पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया था, लेकिन अब कितना विलंब होगा यह कह पाना मुश्किल है।


नैनपुर से छिंदवाड़ा चार खंड में हो रहा है कार्य
बजट न मिलने की वजह से परियोजना को पूरा करने का समय आगे बढ़ता जा रहा है। छिंदवाड़ा से जबलपुर तक सीधे ट्रेन सुविधा की राह देख रहे लोगों को अब लगभग एक साल या फिर उससे अधिक इंतजार करना होगा। बता दें कि जबलपुर से नैनपुर तक रेलमार्ग का कार्य पूरा हो चुका है। इस रेलमार्ग पर ट्रेन का परिचालन भी किया जा रहा है। जबकि नैनपुर से छिंदवाड़ा तक गेज कन्वर्जन विभाग द्वारा चार खंडों में कार्य किया जा रहा है। इसमें पहला खंड छिंदवाड़ा से काराबोह(लगभग 35 किमी), दूसरा खंड पलारी से नैनपुर(लगभग 36 किमी), तीसरा खंड सिवनी से पलारी(लगभग 35 किमी), चौथा खंड काराबोह से सिवनी(लगभग 30 किमी) तक है। चारों ही खंड में रेलमार्ग का कार्य गेज कन्वर्जन विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया से अगल-अलग निर्माण एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है।

ashish mishra Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned