School news: प्राइवेट स्कूल प्राचार्यों ने कही यह बड़ी बात, कर रहे तैयारी

प्राचार्यों का कहना है कि स्कूल बंद रखना कोई उपाय नहीं है।

By: ashish mishra

Updated: 28 May 2020, 11:49 AM IST


छिंदवाड़ा. निजी स्कूल प्राचार्य विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। प्राचार्यों का कहना है कि स्कूल बंद रखना कोई उपाय नहीं है। बच्चे घर में रहकर परेशान हो रहे हैं। उनमें नकारात्मकता भी आ रही है। इसके अलावा ऑनलाइन पद्धति से अध्ययन कराने की प्रक्रिया भी पूरी तरह से सफल नहीं है। अगर वे स्कूल आएंगे तो उनमें सकारात्मक विचार आएंगे। हां यह जरूर है कि छोटे बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन बड़े बच्चे अच्छी तरह से अच्छा और बुरा समझते हैं। गौरतलब है कि सरकार द्वारा कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने को लेकर विचार चल रहा है। दूसरी तरफ निजी स्कूल भी व्यवस्था बनाने में जुटे हुए हैं। अधिकतर स्कूल संचालकों ने विद्यार्थी को घर से रिसीव करने से लेकर उन्हें वापस छोडऩे तक की व्यवस्था बनाने की तैयारी शुरु कर दी है।

क्या कहते हैं प्राचार्य
स्कूल आज नहीं तो कल खोलना ही होगा। हां यह जरूर है कि बच्चों की सेफ्टी हमारी पहली प्राथमिकता होगी। हम मानसिक रूप से स्कूल खोलने को तैयार है। डब्ल्यूएचओ और सीबीएसई से गाइडलाइन भी जारी हुई है। जिसको ध्यान में रखकर पूरी व्यवस्था की जाएगी।
हबीब खान, प्राचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल
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सीबीएसई द्वारा जो गाइडलाइन जारी की जाएगी उसके अनुसार व्यवस्था बनाई जाएगी। मेरा मानना है कि स्कूलों को तैयारी के लिए एक माह दिया जाएगा। विद्यार्थियों को भी स्कूल आने से लेकर घर पहुंचने तक क्या-क्या सावधानी रखनी है इस संबंध में भी ट्रेनिंग दी जा सकती है।
वायएस सिसोदिया, प्राचार्य, निर्मल पब्लिक स्कूल

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स्कूल खोलने में कोई दिक्कत नहीं है। घर में बैठकर कुछ नहीं होगा। स्कूल में सभी व्यवस्था बनाई जाएगी। बच्चे स्कूल आएंगे तो उनमें सकारात्मक सोच डेवलप होगी। स्कूल बंद करना कोई हल नहीं है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर सुरक्षा अपनाए जाएंगे। खेलने वाले पीरियड हटा सकते हैं।
मंजू साव, प्राचार्य, फस्र्ट स्टेप स्कूल


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कोरोना वायरस पूरी तरह से खत्म होने में समय लगेगा। हमें इसी के साथ कुछ दिनों तक जीना होगा। बड़े बच्चे समझदार होते हैं। मैं स्कूल खोलने के पक्ष में हूं। अगर समय पर स्कूल नहीं खोले जाएंगे तो अगले सभी सत्र प्रभावित होंगे। ऑनलाइन शिक्षा पद्धति उतने अच्छे से सफल नहीं है। स्कूल में भी सभी व्यवस्था करेंगे।
विजया यादव, प्राचार्य, विद्या भूमि पब्लिक स्कूल
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विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए स्कूल बुलाने में कोई दिक्कत नहीं है। हम इसके लिए तैयार भी कर रहे हैं। किस तरह बच्चों को स्कूल लाना है, कैसे अध्ययन कराना है और फिर किस तरह से सुरक्षित उन्हें घर पहुंचाना है इन सभी बिन्दुओं पर व्यवस्था बनाई जाएगी। सीबीएसई से जैसी गाइडलाइन आएगी उसके अनुसार क्रियान्वयन किया जाएगा।
वीके गर्ग, प्राचार्य, केन्द्रीय विद्यालय

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