script गांवों में जल संकट की स्थिति, यह है वजह | Situation of water crisis in villages, this is the reason | Patrika News

गांवों में जल संकट की स्थिति, यह है वजह

locationछिंदवाड़ाPublished: Jan 31, 2024 06:06:24 pm

ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या का कारण जलापूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा गई है। पेंच वैली जल प्रदाय परियोजना के माध्यम से सात दिन के अंतराल में पानी मिलने से जल संकट की स्थिति बन गई है।

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water crisis in villages
छिंदवाड़ा/परासिया. ग्रामीण इलाकों में लो वोल्टेज की समस्या का कारण जलापूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा गई है। पेंच वैली जल प्रदाय परियोजना के माध्यम से सात दिन के अंतराल में पानी मिलने से जल संकट की स्थिति बन गई है।
मंधान डैम का जल स्तर भी तेजी से गिर रहा है। इस संबंध में सरपंच संघ अध्यक्ष विपिन श्रीवास्तव ने एसडीएम पुष्पेन्द्र निगम को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था में सुधार की मांग की है। मंधान डैम से पीएचई ग्राम अंबाडा, इकलेहरा, जाटाछापर, भमोडी, भाजीपानी में पानी सप्लाई की जाती है। इन स्थानों पर पीएचई के अलावा अन्य कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही है। फिल्टर प्लांट चरई में लगभग एक माह से लो वोल्टेज होने के कारण मोटर पंप ठीक से काम नहीं करता है जिसके चलते पानी का अंतराल बढकर छह से सात दिन हो गया है। पीएचई के सहायक यंत्री ने इस संबध मे विद्युत विभाग को पत्र लिखा था , लेकिन सुधार नही हुआ।
मंधान डैम का जल स्तर घटा
मंधान डैम का जल स्तर नीचे आ रहा है। पिछले वर्ष फरवरी के अंतिम सप्ताह तक डेड स्टाक होने से माह में सिर्फ दो बार पानी दिया जाने लगा था। इसका सबसे बड़ा कारण नगरीय निकायों द्वारा प्रतिदिन लगातार पानी लिया जाना था। अब वही स्थिति फिर बन रही है। नगरीय निकायों के स्वयं के मोटरपंप एवं अन्य व्यवस्था है। वह रोजाना पानी ले रहे है । वहीं पीएचई घोषित रूप से ग्रामीण इलाकों में चार-पांच दिन के अंतराल में पानी देती है। सरपंच विपिन श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों ने तात्कालिक व्यवस्था के लिए टैंकर चलाए थे ,लेकिन शासन के राशि नहीं दिए जाने से सरपंचों पर भुगतान के लिए दबाव है। ज्ञापन में मंधान डैम के गिरते जल स्तर को मेंटेंन करने के लिए प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। जिससे ग्रीष्मकाल में ग्रामीण क्षेत्रों में जलसंकट की स्थिति नहीं बने।

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