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जहां भी रेत-गिट्टी खदान, वहां की सडक़ें ओवरलोड डम्पर और ट्रैक्टरों से क्षतिग्रस्त

locationछिंदवाड़ाPublished: Feb 05, 2024 12:38:16 pm

Submitted by:

prabha shankar

- सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में उठा था मुद्दा: हल्के वाहनों के लिए बनाए गए थे मार्ग
- पीडब्ल्यूडी, आरटीओ और खनिज विभाग को करनी होगी कार्यवाही

 

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इधर शहर में सिवनी प्राणमोती में शक्कर मिल टेकरी के सामने पीडब्ल्यूडी की बनाई गई सडक़ पूरी तरह से उखड़ चुकी है, इस सडक़ से क्रेशर मशीन से गिट्टी से लदे भारी वाहनों को लंबे समय से आवागमन हो रहा है।
छिंदवाड़ा। जिले में जहां भी रेत और गिट्टी खदानें हैं, वहां की सडक़ें ओवरलोड डम्पर और गिट्टी वाहनों से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इससे ये रोड जल्द ही गड्ढों में तब्दील हो जाएंगी। भविष्य में इनका अस्तित्व ही नहीं बचेगा। हाल ही में जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में ये मुद्दा उठा। अधिकारियों के मंथन में यह आया कि गांवों की सडक़ों को हल्के वाहनों की क्षमता के हिसाब से बनाया गया है। इन सडक़ों पर ओवरलोड डम्पर बेधडक़ दौड़ रहे हैं। इससे नई सडक़ें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इस पर कलेक्टर-एसपी भी चिंतित दिखे। फिलहाल प्रशासन ने ऐसी सडक़ों पर ओवरलोड वाहन प्रतिबंधित करने, हाइट बैरियर लगाने जैसे उपाय करने की बात कहीं। मैदानी स्तर पर ये कितने कारगर हो पाते हैं, ये देखना होगा।
इन सडक़ों को नुकसान, उपाय करने का निर्णय

भानादेही से घोघरा मार्ग 3.40 किमी-यह मार्ग छिंदवाड़ा-चांद मुख्य जिला मार्ग पर स्थित ग्राम भानादेही से ग्राम घोघरा होता हुआ छिंदवाड़ा-सिवनी राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347 पर स्थित ग्राम उमरिया ईसरा पर जुड़ता है। भानादेही से घोघरा मार्ग हल्के वाहनों के आवागमन करने निर्मित है। आस-पास स्टोन क्रेशर तथा डामर प्लांट स्थित होने के कारण भारी वाहनों से मार्ग बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा है। इस पर भारी वाहनों का यातायात वैकल्पिक मार्ग ग्राम अतरवाड़ा होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग बायपास से किया जा सकता है।
जमुनिया हिर्रीपठार, बिजोरीपठार मार्ग 9.30 किमी- हल्के वाहनों के आवागमन की इस सडक़ पर रेत परिवहन के भारी वाहनों का लगातार आवागमन हो रहा है। मार्ग को सुरक्षित रखने खनिज वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित करने के लिए हाइट बैरियर लगाए जाने का निर्णय लिया गया है।
खैरीपैकामालेगांव-करवार रेलवे स्टेशन मार्ग 4.50 किमी-यह मार्ग आठ से दस टन वाहनों के आवागमन के लिए है। रेलवे विभाग द्वारा पांढुर्ना खण्ड में तीसरी रेल्वे लाइन बिछाने का कार्य किया गया है। सामग्री के परिवहन के भारी वाहनों से मार्ग बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा है। इसका मेंटेनेंस रेलवे विभाग से कराया जाएगा।
अंजनगांव पहुंच मार्ग 2.60 किमी- 8 से 10 टन वाहनों के इस मार्ग पर भी रेल्वे विभाग द्वारा पांढुर्णा खण्ड में तीसरी रेलवे लाइन बिछाने का कार्य किया गया है। इस मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। इसे भी रेलवे विभाग से सुधरवाया जाएगा।
तामिया के लिंगा पहुंच मार्ग 3.20 किमी-यातायात घनत्व के आधार पर हल्के वाहनों के आवागमन करने लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित किया गया है। 2 निजी केशरों का संचालन होने से प्रायवेट वाहनों के खनिज परिवहन से मार्ग क्षतिग्रस्त हो सकता है। ऐसे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने निर्देशित किया गया।

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