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बोरा बिस्तर लेकर ग्रामीणों ने रात में कलेक्ट्रेट कार्यालय में डाला डेरा, पढ़ें पूरी खबर

locationछिंदवाड़ाPublished: Feb 07, 2024 07:16:13 pm

मोहगांव जलाशय में भूमि दिए जाने के बाद विस्थापित किए गए ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने से नाराज होकर कलेक्ट्रेट में डेरा डालकर धरना दे दिया।

 Collectorate office at night
Collectorate office at night
छिंदवाड़ा/पांढुर्ना. मोहगांव जलाशय में भूमि दिए जाने के बाद विस्थापित किए गए ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने से नाराज होकर कलेक्ट्रेट में डेरा डालकर धरना दे दिया। मंगलवार सुबह ग्रामीण अपने साथ गर्म कपड़े और भोजन सामग्री लेकर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कहा कि 5 साल से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए हम भटक रहे है परंतु जिला प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। अब जब तक हमारी समस्याएं खत्म नहीं होती तब तक हम कलेक्ट्रेट में ही धरना देंगे। प्रमुख मांगों में छूटी हुई परिसंपत्ति का पूरक अवार्ड बनाया गया जिसमें अभी भी 36 किसानों की परिसंपत्तियों को अवार्ड में सम्मिलित नहीं किया गया।
विस्थापन में 109 किसानों के आवेदन जमा किए गए है किन्तु अभी तक किसी भी प्रकार का कोई निराकरण नहीं किया गया है। प्लॉट के बदले राशि लेने वाले विस्थापित परिवारों को 50 हजार की राशि आज तक नहीं मिली।
ग्राम भुम्मा से मुंगनापार, नंदेवानी, घोडकीढाना से सरकीखापा रास्ता ये तीनों के कार्य शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने समस्याओं के निराकरण होने तक कलेक्ट्रेट में ही धरना देने की बात कही है। जानकारी के अनुसार ग्रामीण देर रात कलेक्ट्रेट कार्यालय में डेरा डाले रहे।
इधर कलेक्टर ने गठित की टीम, 15 दिन में देगी रिपोर्ट:
कलेक्टर कार्यालय परिसर में बैठे ग्रामीणों की समस्याओ के निराकरण के लिए कलेक्टर अजय देव शर्मा ने एसडीएम सिद्धार्थ पटेल, संयुक्त कलेक्टर अंकिता त्रिपाठी, कार्यपालन यंत्री कुमकुम पटेल, एसडीओ संजना चौधरी और संध्या रावत, नायब तहसीलदार सौसर की टीम गठित की है जो 15 दिनों में शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट सौपेंगे। आश्वासन के बाद भी ग्रामीण कलेक्टर से मिलने के लिए अड़े रहे।

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