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उफान पर आई गंभीरी नदी, चित्तौड़़ में जारी किया अलर्ट

जिले में गंभीरी नदी उफान पर है। बेड़च में भी पानी का प्रवाह तेज हो गया है। चित्तौडग़ढ़ शहर के मध्य से गुजर रही गंभीरी नदी में शनिवार सुबह गंभीरी बांध से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद दोपहर करीब २ बजे पानी नदी की पुलिया पर खतरे के निशान के नजदीक पहुंचने पर शहर में बाढ़ का खतरा देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया।

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उफान पर आई गंभीरी नदी, चित्तौड़़ में जारी किया अलर्ट

गंभीरी व घोसुण्डा बांध से छोड़ा जा रहा पानी
चित्तौडग़ढ़. जिले में गंभीरी नदी उफान पर है। बेड़च में भी पानी का प्रवाह तेज हो गया है। चित्तौडग़ढ़ शहर के मध्य से गुजर रही गंभीरी नदी में शनिवार सुबह गंभीरी बांध से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद दोपहर करीब २ बजे पानी नदी की पुलिया पर खतरे के निशान के नजदीक पहुंचने पर शहर में बाढ़ का खतरा देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया। प्रशासन ने नदी पर बनी छोट़ी पुलिया पर यातायात बंद करा दिया लेकिन महाराणा प्रताप सेतु मार्ग से आवागमन जारी है। बाड़ी मनोसरवार बांध के पांच गेट खोल सुबह पानी छोड़ा गया तो गंभीरी बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इसके बाद जिले के सबसे बड़े गंभीरी बांध के ७ छोटे एवं तीन बड़े हाइड्रोलिक गेट खोल पानी छोड़ा गया तो गंभीरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा एवं शहर में खतरे के निशान से उपर पानी पहुंच गया। घोसुण्डा बांध के भी चार गेट खोल पानी छोडऩे से बेड़च नदी में भी जलस्तर बढऩे लगा। इसके प्रभाव से गंभीरी नदी में जलस्तर और अधिक बढ़ गया। शाम तक गंभीरी खतरे के निशाने से उपर बह रही थी हॉलाकि प्रशासन स्थिति नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है। गंभीरी बांध की रपट कम होने से रात में जलस्तर में उतार के संकेत मिलने लगे हालांकि बांध के गेट बंद नहीं हुए थे। मोरवन क्षेत्र के गांवों में बाढ़ की आशंका से अलर्ट किया गया।
पुलिस ने चेतावनी देकर खाली कराई पुलिया
पुलिस ने नदी का जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक पहुंचने के संकेत मिलते ही नदी की पुलिया पर जमा भीड़ को हटाने के लिए उद्घोषणा शुरू कर दी। पानी बढऩे वाला है पुलिया खाली करो कहकर लोगों को हटाना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद पुलिया पर दोनों तरफ बैरिकेटिंग कर मार्ग बंद कर दिया गया। इसके बाद नई पुलिया महाराणा प्रताप सेतु ही शहर के दोनों हिस्सो को जोडऩे के लिए सम्पर्क सड़क का कार्य करता रहा। पानी बढ़ता देख सिविल डिफेंस व एडीआर टीमों को भी सर्तक किया गया। दोपहर में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन मुकेश कलाल भी गंभीरी नदी की पुलिया पर हालात का जायजा लेने पहुंचे एवं अधिकारियों से संभावित स्थिति पर चर्चा की। नदी में जलस्तर कुछ नीचे जाते ही रात में पुरानी पुलिया पर यातायात भी फिर शुरू कर दिया गया।
स्कूलों में हो गई जल्द छुट्टी
शहर में बाढ़ की आशंका को देखते हुए कई स्कूल संचालकों ने बच्चों की जल्दी छुट्टी कर दी। गंभीरी नदी पुरानी पुलिया पर यातायात बंद होने एवं नई पुलिया पर लंबा जाम लग जाने से बच्चों को स्कूल से घर तक पहुंचने में लंबा समय लगा। पुरानी पुलिया के पास कुछ बच्चों को आवास नजदीक होने पर रेसक्यू टीम के सदस्यों ने पुलिया पार कराई।

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