IPL 2020 : मैच फिट नहीं हैं भारतीय क्रिकेटर, UAE में चार चरण के अभ्यास से गुजर सकते हैं

Physical Trainers का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान भारतीय क्रिकेटरों ने जो Indoor Training की है, वह पर्याप्त नहीं है।

By: Mazkoor

Updated: 07 Aug 2020, 05:54 PM IST

नई दिल्ली : आमतौर पर धारणा यह है कि टीम इंडिया (Team India) बहुत ज्यादा क्रिकेट खेलती है, इसलिए कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण लॉकडाउन (Lockdown in India) में मिला आराम भारतीय क्रिकेटरों के लिए अच्छा है और इससे उनके प्रदर्शन में सुधार आएगा। खिलाड़ी तरोताजा होकर मैदान में उतरेंगे। इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान सभी खिलाड़ियों ने टीम इंडिया के फिजिकल ट्रेनरों (Physical Trainer) की देखरेख में इंडोर ट्रेनिंग (Indoor Training) करते रहे हैं। इसलिए मैदान पर वापसी में उनके साथ कोई दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन फिटनेस विशेषज्ञ और जानकार ऐसा नहीं मानते। उनका मानना है कि यह सामान्य ब्रेक नहीं है, जो फ्रेश होने के लिए वे लेते हैं। ऐसा होता तो वह फ्रेश हो सकते थे, लेकिन इस दौरान घर में रहने के कारण उनका आउटडोर एक्सरसाइज (Outdoor Training) बंद है और इंडोर एक्सरसाइज कभी आउटडोर ट्रेनिंग की जगह नहीं ले सकती। इस कारण बल्लेबाजों और स्पिनरों को मैच फिटनेस हासिल करने में कम से कम तीन और तेज गेंदबाजों को चार से छह हफ्ते लग जाएंगे। यहां यह बताना भी उचित होगा कि भारतीय क्रिकेटरों ने अब तक आउटडोर ट्रेनिंग नहीं की है। इसलिए फिलहाल वह मैच फिट नहीं हैं।

आउटडोर ट्रेनिंग का विकल्प इंडोर नहीं हो सकता

टीम इंडिया के पूर्व ट्रेनर रामजी श्रीनिवास (Ramji Srinivas) समेत कई फिजिकल ट्रेनरों का मानना है कि घर में ट्रेडमिल पर मांशपेशियों की कसरत क्रिकेटर कर रहे हैं, लेकिन इंडोर एक्सरसाइज कभी आउटडोर एक्सरसाइज की जगह नहीं ले सकता। ट्रेडमिल पर दौड़ना बाहर मैदान पर दौड़ने की कभी बराबरी नहीं कर सकता। रामजी 2011 विश्व कप (ICC ODI World cup 2011) में टीम इंडिया के फिजिकल ट्रेनर थे।

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सुदर्शन बोले, तेज गेंदबाजों को ज्यादा होगी परेशानी

वहीं 2013 से 2016 तक टीम इंडिया के फिजिकल ट्रेनर रह चुके सुदर्शन (Sudarshan) ने कहा कोरोना के बाद फिटनेस पर कहा था कि खिलाड़ी लंबे समय बाद घर से निकल कर मैदान पर वापसी करेंगे। इसलिए यह किसी के लिए आसान नहीं होने जा रहा, लेकिन तेज गेंदबाजों को ज्यादा मुश्किल पेश आएगी। इसकी वजह यह है कि तेज गेंदबाजी पूरी तरह मांशपेशियों की गतिविधि पर निर्भर होती है। इसमें उनका रनअप और जम्प आता है। इससे खिलाड़ियों पर जोर पड़ता है। लॉकडाउन में वह लंबे समय से बंद है। इसलिए एकाएक इस पर जोर देने से ये गेंदबाज चोटिल हो सकते हैं। इसलिए धीरे-धीरे ही यह वापस लय में आ सकते हैं। इस प्रक्रिया में कम से कम चार से छह सप्ताह लगेंगे।

चार चरण में इन खिलाड़ियों को करनी होगी वापसी

खिलाड़ियों को को निजी स्तर पर आउटडोर ट्रेनिंग (Outdoor Training) की इजाजत मिल चुकी है। इसके बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने खिलाड़ियों को इसकी इजाजत नहीं दी है। उम्मीद है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ही आईपीएल (IPL) टीमों के साथ टीम इंडिया के खिलाड़ियों की ट्रेनिंग शुरू होगी। आईपीएल शुरू होने से करीब एक महीने पहले वहां खिलाड़ी पहुंच जाएंगे और ऐसी उम्मीद है कि टीम इंडिया के क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर (R Sridhar) के फॉर्मूले के आधार पर वहां आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ी चार चरण का अभ्यास कार्यक्रम पर अमल करेगी। इस आउटडोर ट्रेनिंग कैंप (Training Camp) के जरिये खिलाड़ी चार से छह सप्ताह में खेलने योग्य फिटनेस हासिल कर लेंगे।

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वर्कलोड मैनेजमेंट का रखना होगा ख्याल

श्रीधर का मानना है कि इतने लंबे अनचाहे विश्राम से लौटने वाले खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट (Workload Management) पर भी ध्यान देना होगा। उनका मानना है कि खिलाड़ियों को शुरुआती चरण में जरूरत से ज्यादा अभ्यास से बचना होगा। उनके चोटिल होने का खतरा है। इसलिए शुरुआत में उन्हें हल्का कार्यभार देना होगा। इसके बाद उसे धीरे-धीरे इसे बढ़ाना होगा। उनके अनुसार, पहले चरण में हल्की गति से हल्का अभ्यास करना होगा, जबकि दूसरे चरण में गति को हल्का रखते हुए अभ्यास को बढ़ाना होगा। इसके बाद गति और अभ्यास दोनों का स्तर बढ़ाना होगा।

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