शाकिब अल हसन को लेकर बीपीएल की फ्रेंचाइजी टीम और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में रार

Shakib Al Hasan को लेकर बीपीएल गवर्निंग काउंसिल और बीपीएल की फ्रेंचाइजी रंगपुर राइडर्स आमने-सामने आ गई है।

By: Mazkoor

Updated: 07 Aug 2019, 08:22 PM IST

ढाका : बांग्लादेश में ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ( Shakib Al Hasan ) सबसे ज्यादा लोकप्रिय खिलाड़ी हैं। उन्हें बांग्लादेश प्रीमियर लीग के इस सीजन में रंगपुर राइडर्स की ओर से खेलना था। इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ( Bangladesh cricket board ) की ओर से बीपीएल संचालन के लिए बनाई गई गवर्निंग काउंसिल ने नियम बदल कर कहा कि फ्रेंचाइजी टीमों और खिलाड़ियों के बीच फिर से एग्रीमेंट होगा। इस बात से रंगपुर राइडर्स नाराज है। उसने कहा है कि शाकिब अगर उनकी टीम की ओर से नहीं खेले तो उनकी टीम बीपीएल में नहीं खेलेगी।

यह है पूरा मामला

शाकिब अल हसन पिछले सीजन में बीपीएल की उपविजेता टीम ढाका डायनामाइट्स में थे। फ्रेंचाइजियों के बीच हुए समझौते के बाद शाकिब को इस सीजन में रंगपुर राइडर्स से खेलना था। इस बीच बीपीएल गवर्निंग काउंसिल ने ऐलान किया कि खिलाड़ी और फ्रेंचाइजियों के बीच फ्रेश एग्रीमेंट होगा। इस घोषणा के बाद रंगपुर राइडर्स को नए नियमों के मुताबिक शाकिब अल हसन को अपनी टीम से खेलाने की अनुमति नहीं मिल रही है। नए नियम के मुताबिक, अब उन्हें शाकिब को अपनी टीम में लेने के लिए सारी टीमों के साथ नीलामी में उतरना होगा।

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रंगपुर हुआ नाराज

इस बीच आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 ( ICC Cricket World Cup 2019 ) में बांग्लादेश की ओर से खेलते हुए शाकिब अल हसन ने करिश्माई प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्व कप में 600 से ज्यादा रन बनाए और 10 से ज्यादा विकेट लिए। ऐसा करने वाले वह विश्व के इकलौते आलराउंडर बने। इससे उनका भाव बढ़ गया है और रंगपुर राइडर्स को लग रहा है कि अब नीलामी में कोई जरूरी नहीं है कि वह शाकिब को ले पाएं। इसी बात पर नाराज रंगपुर राइडर्स ने बीपीएल में न खेलने की धमकी दी है।

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राइडर्स ने कहा कि गवर्निंग काउंसिल हर साल नियम बदल रही है

राइडर्स के चीफ एग्जक्यूटिव इश्तियाक सादेक ने कहा कि ऐसे में वह बीपीएल में नहीं खेल पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह अहम नहीं है कि हम बीपीएल में खेलेंगे या नहीं। लीग में हम हर साल 10 से 15 करोड़ बीडीटी (बांग्लादेशी करेंसी) खर्च कर रहे हैं और बीपीएल गवर्निंग काउंसिल हर साल अलग-अलग नियम बदलते रहे। यह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरी हुआ तो हम नहीं खेलेंगे। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पास बहुत सारी टीमें हैं और वह उन्हीं के साथ खेलें।

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