सचिन तेंदुलकर ने 15 साल की उम्र में बनाया था अपना पहला CV, जानिए सीवी की दिलचस्प बातें

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने मात्र 15 साल की उम्र में अपना पहला सीवी तैयार किया था।
इस सीवी को पोर्टल द रिंग साइड व्यू ने जारी किया है।

By: Shaitan Prajapat

Updated: 28 Mar 2021, 08:34 AM IST

नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के महान बल्लेबाजों में से एक हैं। टेस्ट और वनडे क्रिकेट के दोनों ही फॉर्मेट में सर्वाधिक रन सचिन के नाम हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर आज भले ही संन्यास ले चुके हों, लेकिन उनसे जुड़ी चीजें आज भी चर्चा का विषय बन जाती हैं। बहुत कम लोग जाने है सचिन ने मात्र 15 साल की उम्र में अपना पहला सीवी तैयार किया था। यह बात आज से पूरे 28 साल पुरानी है। इस सीवी को पोर्टल द रिंग साइड व्यू ने जारी किया है। हर कोई जानना चाहते है कि सचिन ने अपना पहला सीवी बनाया होगा तो उस समय उसका सीवी कैसा रहा होगा। आज आपको सचिन की सीवी के बारे में कुछ खास दिलचस्प बाते बताने जा रहे है।

11 साल की उम्र में खेला सीजन बॉल से क्रिकेट
सचिन ने अपने सात पेज के इस सीवी में बताया कि विनोद कांबली के साथ की 664 रन की पार्टनरशिप के अलावा उन्होंने 11 साल की उम्र में कॅरियर की शुरूआत की थी। वहीं अपनी पहली सेंचुरी का भी जिक्र किया है। उन्होंने अपने सीवी के पहले पेज पर लिखा, मैंने 11 साल की उम्र में सीजन बॉल से क्रिकेट खेला। सीजन बॉल से खेलना किसी भी बच्चे के लिए एक बड़ी बात होती है जो क्रिकेटर बनने के सपने देख रहा हो। आगे लिखा, उन्होंने डॉन बॉक्सो हाई स्कूल के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में 50 रन बनाए थे।

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12 साल की उम्र में जड़ा पहला शतक
मास्टर ब्लास्टर ने सीवी के अगले पेज पर बताया कि उन्होंने 12 साल की उम्र में अपना पहला शतक जड़ा था। साथ ही उन्होंने लिखा है कि उन्होंने बॉम्बे को पहली बार इंटर-जोनल विजय मर्चेंट क्रिकेट टूर्नामेंट में का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने बताया कि 1986-87 में उन्होंने 9 सेंचुरी लगाई, जिसमें दो डबल सेंचुरी और 27 विकेट भी लिए थे। इस सत्र में उन्होंने 2336 रन बनाए हैं।

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ये भी बताया है सीवी में......
— उनके नाम बॉम्‍बे की टीम में शामिल होने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी का रिकॉर्ड है।
— 14 साल की उम्र में उन्‍होंने रणजी ट्रॉफी खेली।
— विनोद कांबली के साथ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड 664 रन की साझेदारी की।
— विजय हजारे इंटर जोनल में बांबे टीम की कप्तानी की।
— 1986-87 में शानदार प्रदर्शन पर उन्‍हें सुनील गावस्‍कर ने प्रशंसा पत्र भेजा।
— भारतीय टीम के कप्‍तान दिलीप वेंगसरकर ने ‘गन एंड मूर’ का क्रिकेट बैट गिफ्ट किया।

Shaitan Prajapat
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