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तेंदुलकर ने तोड़ी चुप्पी, बोले-WTC के फाइनल में गलत गेंदबाजी कॉम्बीनेशन के साथ उतरा था भारत

भारत दो स्पिनर और तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरा। वहीं न्यूजीलैंड तेज गेंदबाजी आक्रमण के साथ उतरा। इसलिए न्यूजीलैंड, भारत पर भारी पड़ा।
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नई दिल्ली

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Bhup Singh

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Updated: 27 Jun 2021, 6:52 PM IST

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नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने कहा है कि भारतीय टीम प्रबंधन ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में न्यूजीलैंड (New Zealand) की दूसरी पारी में गेंदबाजी संयोजन में गलती की और तो और रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) से कम गेंदबाजी कराना उस पर भारी पड़ा। टेस्ट और एकदिवसीय मैचों में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड रखने वाले तेंदुलकर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि पहले कुछ दिनों में धूप की कमी के कारण स्पिनर कभी खेल में नहीं आए, खासकर बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा जिन्होंने पहली पारी में केवल 7.2 ओवर फेंके। जडेजा ने हालांकि छठे दिन दूसरी पारी में केवल आठ ओवर फेंके जब सूरज निकला।

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सभी गेंदबाजों को मौका मिलना संभव नहीं
सचिन ने कहा, 'देखिए जब आप पांच गेंदबाजों को लेकर खेलते हैं, तो यह असंभव है कि सभी पांच गेंदबाजों को समान ओवर मिले। यह उस तरह से काम नहीं करता है। आपको पिच की स्थिति, ओवरहेड की स्थिति, हवा से मिलने वाली मदद को ध्यान में रखना होगा। उसी के अनुसार आप फैसला करते हैं।'

साउथम्प्टन की पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल थी
तेंदुलकर ने कहा कि उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को पहली पारी में जडेजा (7.2-2-20-1) की तुलना में अधिक ओवर (15-5-28-2) गेंदबाजी कराने के पीछे के तर्क को समझा, क्योंकि न्यूजीलैंड के बाएं हाथ की गति द्वारा बनाए गए फुटमार्क थे। गेंदबाजों और विपक्ष के पास बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। उन्होंने दूसरी पारी में जडेजा को बदकिस्मत बताया। 100 अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने वाले एकमात्र व्यक्ति ने कहा कि साउथम्प्टन की पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल है न कि स्पिनरों के लिए।

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'पिच की परिस्थितियों को समझा बेहद जरूरी'
तेंदुलकर ने कहा, 'अगर लोगों को समान अवसर नहीं मिला, तो इसका कारण यह था कि तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही थी। स्पिनरों के लिए पिचें हैं, तेज गेंदबाजों के लिए पिचें हैं। इसलिए आपको परिस्थितियों को समझना होगा।' भारत ने दो स्पिनरों और तीन पेसरों के साथ खेला, जबकि न्यूजीलैंड ने चौतरफा तेज आक्रमण किया। एक सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर कॉलिन डी ग्रैंडहोम ने पांचवें गेंदबाज के रूप में काम किया। भारत डब्ल्यूटीसी फाइनल में आठ विकेट से हार गया।