script पावर लाइनों पर क्षमता से अधिक भार, झेलनी पड़ रही है बिजली कटौती की मार | Power lines overloaded, facing power cuts | Patrika News

पावर लाइनों पर क्षमता से अधिक भार, झेलनी पड़ रही है बिजली कटौती की मार

locationदौसाPublished: Jan 31, 2024 04:20:10 pm

Submitted by:

Rajendra Jain

पहले तीन ब्लॉक में हो रही थी सप्लाई, अब दो में होने से बढ़ गया भार

पावर लाइनों पर क्षमता से अधिक भार, झेलनी पड़ रही है बिजली कटौती की मार
पावर लाइनों पर क्षमता से अधिक भार, झेलनी पड़ रही है बिजली कटौती की मार
दौसा. राज्य सरकार ने किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति करने के आदेश तो दे दिए, लेकिन इससे पहले बिजली तंत्र की तैयारियों को नहीं परखा गया। अब किसानों को दिन में बिजली तो मिलना शुरू हो गया, लेकिन दौसा सहित आसपास के जिलों में विद्युत निगम की पावर लाइनों में क्षमता से अधिक भार आ जाने से बार-बार बिजली कटौती की समस्या खड़ी हो गई है।
निगम द्वारा दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति करने से एक साथ भार बढ़ गया है, जिसे सहने की क्षमता पावर लाइनों में नहीं है। लाइनों को बचाने के लिए अधिकारी अब बार-बार बिजली कटौती कर बिजली आपूर्ति दिन में दे रहे हैं। इसके चलते अब एक साथ बिजली नहीं मिलने से ग्रामीणों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं किसानों को लगातार आपूर्ति नहीं मिलने से ङ्क्षसचाई प्रभावित हो रही है। आए दिन दौसा जिले में भी बिजली की समस्या को लेकर निगम अधिकारियों को ग्रामीणों की नाराजगी का शिकार होना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार किसानों को दिन में बिजली देने के सरकार के आदेश के बाद अब दो ब्लॉक में किसानों को बिजली आपूर्ति की जा रही है। पहला ब्लॉक सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक व दूसरा ब्लॉक सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलता है। इसके चलते पहले व दूसरे ब्लाक की 11 से 3 बजे तक की चार घंटे बिजली आपूर्ति एक साथ होने से जिले सहित अन्य जिलों में जा रही पावर लाइन पर एक साथ भार आता है।
ऐसे में पावर लाइन को बचाने के लिए निगम अधिकारी एक-एक जीएसएस की बिजली आपूर्ति में कटौती कर रहे हैं। ऐसे में किसानों को हर आधा-एक घंटे में बिजली कटौती की मार झेलनी पड़ रही है। निगम की पावर लाइनों की दूरी व एक-एक लाइन से कई 220 केवी जीएसएसों पर बिजली आपूर्ति होने से पावर लाइनों पर लोड अधिक पडऩे व दूरी के चलते कम वोल्टेज जाने से समस्या बढ़ रही है।
किस लाइन पर अधिक लोड : पावर ग्रिड जीएसएस बस्सी से 220 केवी जीएसएस दौसा, सिकराय, हिण्डौन, नदबई व सवाईमाधोपुर की बिजली आपूर्ति हो रही है। इस पावर लाइन की क्षमता 450 मेगावाट है। दिन में इस लाइन पर सुबह 11 बजे से 3 बजे तक 600 मेगावाट तक लोड आता है। क्षमता से करीब 150 मेगावाट का भार बढऩे से निगम अधिकारी लाइन को बचाने के लिए बार-बार एक-एक जीएसएस की आपूर्ति में कटौती कर बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। इसी प्रकार पावर ग्रेड जीएसएस अलवर से 220 केवी जीएसएस मण्डावर, पावर ग्रेड अन्ता से 220 केवी जीएसएस लालसोट में बिजली आपूर्ति हो रही है। इन दोनों जीएसएस पर पावर लाइन की दूरी अधिक होने से वोल्टेज कम आने के कारण बिजली कटौती की समस्या आ रही है।
बंद पावर ग्रिड चालू हो तो बने बात
विद्युत निगम ने अन्ता व धौलपुर गैस पावर प्लांट वर्तमान में बंद कर रखे हैं। अगर ये दोनों बिजली प्लांट को किसानों के बिजली आपूर्ति के समय चालू कर दिया जाए तो पावर लाइनों पर भार बढऩे व कम वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। इससे वर्तमान में किसानों की बिजली कटौती की पड़ रही मार से निजात मिलने के साथ ही एक साथ छह घंटे बिजली आपूर्ति मिलेगी।
इनका कहना है...
दिन में बिजली आपूर्ति करने पर तीन ब्लॉक की जगह पर अब दो ब्लॉक में बिजली आपूर्ति करने से पावर लाइनों पर क्षमता से अधिक लोड आ रहा है। पावर लाइन बचाने के लिए कई बार कटौती कर भार को सेट करना पड़ता है।
महेन्द्र नागर,
अधिशासी अभियन्ता
220 केवी जीएसएस प्रसारण दौसा

ट्रेंडिंग वीडियो