
विनीत शर्मा/बांदीकुई (दौसा)। क्षेत्र के काठानाड़ी गांव का प्रहलाद सिंह 17 साल से पाकिस्तान की जेल में बंद है। प्रहलाद सिंह वहां अपनी सजा भी पूरी कर चूका है, लेकिन उसे रिहा नहीं किया गया है। परिजनों का कहना है कि पाकिस्तान ने प्रहलाद सिंह को मानसिक रूप से कमजोर बताया है। इससे वे अपनी राष्ट्रीयता को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। इसके चलते सजा पूरी होने के बाद भी पाकिस्तान की जेल की सलाखों से बाहर नहीं निकल पा सके हैं। प्रहलाद सिंह की पत्नी गोमती देवी ने बताया कि करीब 17 साल पहले मजदूरी करने दिल्ली गए थे, तब से पति के लौटने का इंतजार कर रही हूं। भारत सरकार उनकी जल्द से जल्द रिहाई के प्रयास करें।
गृह मंत्रालय ने सत्यापन के लेकर किया प्रयास
वर्ष 2015 में गृह मंत्रालय की ओर से सत्यापन के प्रयास किए गए थे, लेकिन पहचान नहीं हो पाई थी। अब 7 जून 2021 को गृह मंत्रालय ने फिर से प्रहलाद के सत्यापन को लेकर फोटो की पहचान को लेकर संपर्क साधा। प्रहलाद की पाक से मिली फोटो व पुराने फोटो के आधार पर पहचान कर ली गई। ऐसे में परिजन ने केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, राज्यपाल, जिला अधिकारियों से गुहार लगाकर उनके वतन वापसी की मांग उठाई है।
मामला गृह मंत्रालय से जुड़ा है। अभी इस मामले में ज्यादा नहीं कह सकता। पहले जांच में पुष्टी हो जाए। फिर रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजेंगे।
पीयूष समारिया, कलक्टर, दौसा
Published on:
18 Jun 2021 03:59 pm
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