रहने के लिए दुनिया में सबसे बेहतर हैं ये 6 शहर, जानिए क्या खास है ऐसा

साफ-सफाई, यातायात तथा शांति से लेकर मिलनसार लोगों के लिए प्रसिद्ध हैं ये शहर

नई दिल्ली। प्रत्येक इंसान ऐसी जगह पर रहना चाहता है जो सुकून भरी होने के साथ ही सभी तरह की सुविधाओं से युक्त हों। आज जहां दुनिया के कई देशों में अशांति और आतंकवाद हावी है वहीं, दुनिया में कई ऐसे देश भी हैं जहां अपार शांति हैं। इन देशों में ऐसे कई शहर ऐसे हैं जो इंसान के रहने के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं। साफ-सफाई से लेकर यातायात, मिलनसार लोग और अच्छी जीवनशैली के लिए ये शहर सबसे शानदार माने गए हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं उन्हीं शहरों के बारे में। तो जानिए...

हेलसिंकी (फिनलैंड)
फिनलैंड की इस राजधानी में 2025 तक 'मोबिलिटी ऑन डिमांड' शुरू किया जा रहा है। इसके लिए ऐसा मोबाइल फोन एप बनाया जा रहा है, जिसमें लोग सस्ता एवं अच्छा परिवहन माध्यम खोज सकेंगे। उसमें कारपूल, टैक्सी, मोटरबाइक एवं फैरी आदि शामिल होगी। कोई भी व्यक्ति मोबाइल एप की सहायता से यात्रा के दौरान ही भुगतान भी कर सकेगा। हेलसिंक के लोग बहुत ही शांतिप्रिय भी माने जाते हैं।

ओस्लो (नॉर्वे)
ओस्लो में 2019 तक शहर में कारों चलने पर पूरी तरह से प्रतिबंधित लगाने योजना बनाई है। इसी चरणबद्ध तरीके से शुरुआत हो चुकी है। इस फैसले का मकसद 2020 तक शहर का आधा प्रदूषण कम करना है। इससे शहर में प्रदूषण का स्तर 1990 के स्तर पर आ जाएगा। इसके अलावा 2050 तक जीवाश्म ईंधन पर भी निर्भरता खत्म की जाएगी।

बोगोटा (कोलंबिया)
यहां पर ज्यादा यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाने के लिए बस रेपिड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क तैयार किया गया है जिससें की सड़कों पर कारों की संख्या नहीं बढ़े। कारों और हाईस्पीड बसों के लिए अलग लेन है। बसों में टिकट दरें काफी कम रखी गई है ताकि लोगा उनमें ज्यादा से ज्यादा सफर कर सकें। साल 2000 से यहां साल में एक दिन 'कार फ्री डे' मनाया जा रहा है।

सियोल (दक्षिण कोरिया)
यह शहर तकनीक में सबसे एडवांस बन रहा है तथा ओपन डेटा एवं सबसे तेज ब्रॉडबैंड के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। मेयर पार्क वून-सून की लीडरशिप में घोषणा की गई है कि 2017 से बस एवं सब-वे जैसे सभी सार्वजनिक स्थलों पर हाईस्पीड फ्री वाई-फाई लगाए जाएंगे। इसी के साथ ही आर्थिक लेन-देन के लिए 'शेयरहब' सर्विस शुरू की जा रही है।

मिलान (इटली)
यह शहर प्रदूषण से जूझ रहा था लेकिन अब शहर के प्रशासन ने लोगों को आकर्षित करने के लिए नई योजना बनाई है। इस योजना के तहत जो व्यक्ति साइकिल चलाकर दफ्तर जाएगा, प्रशासन उसें पैसे देगा। यह मॉडल फ्रेंच पायलट स्कीम के आधार अपनाया जा रहा है जिसमें प्रत्येक किमी पर राशि दी जाती है। एक ऐसा एप भी बनाया जा रहा है जिससें साइकिल चालक को ट्रेस किया जा सकेगा।

साओ पाउलो (ब्राजील)
ब्राजील के इस शहर में 2006 में 'क्लीन सिटी' कानून तैयार करके उसे लागू किया। मेयर गिल्बर्टो कसेब ने इमारतों या बाजारों में विज्ञापन पूरी तरह हटवाए दिए। इस वजह से इसे एड-फ्री सिटी भी कहा जाता है। 10 साल पहले लिया गया ये फैसला पूरे शहर को स्वच्छ बना रहा है। इसी तरह चेन्नई (भारत) वर्मोन्ट (अमरिका) और तेहरान में भी ऐसा ही किया जा रहा है।
अनिल जांगिड़
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