scriptLeakage in gas line, reaching homes through sewerage line | गैस लाइन में लीकेज, सीवरेज लाइन से घरों में पहुंच रही | Patrika News

गैस लाइन में लीकेज, सीवरेज लाइन से घरों में पहुंच रही

locationदेवासPublished: Nov 25, 2023 11:44:00 pm

Submitted by:

rishi jaiswal

एसडीएम ने बनाया पंचनामा, पूर्व में जा चुकी है युवक की जान

गैस लाइन में लीकेज, सीवरेज लाइन से घरों में पहुंच रही
गैस लाइन में लीकेज, सीवरेज लाइन से घरों में पहुंच रही
देवास. इटावा के महादेव नगर में शनिवार को गैस रिसाव की जांच की गई। जांच में सामने आया कि चैंबर के अंदर से गैस की लाइन जा रही थी। उसमें लीकेज थी। इस कारण गैस सीधे चैंबर में उतारे घरों की पाइपलाइन से शौचालय तक पहुंच रही थी। इसी कारण सितंबर माह में विस्फोट हुआ था। विस्फोट के कारण युवक की जान चली गई थी।
चैंबर खोलते ही गैस की बू आने लगी

एसडीम देवास बिहारी सिंह जांच दल के साथ में शनिवार को 10.30 बजे महादेव नगर स्थित घटनास्थल पर पहुंच गए। निगम की जेसीबी से खुदाई का कार्य शुरू किया गया । मौके पर गेल गैस लिमिटेड की लाइन व सीवरेज की लाइन दोनों मिक्स थी। गैस अंदर से लीकेज होने से सारी गैस सीवरेज चैंबर गड्ढे के अंदर जा रही थी। इस सीवरेज के चैंबर में जिन घरों में घर के कनेक्शन जुड़े थे उनके घरों में यह गैस पहुंच रही थी। उसके बाद गेल गैस की लीकेजिंग पॉइंट को चेक करने के लिए वाॅल को खोला गया। मौजूद टीम को चैंबर के अन्दर से गैस की दुर्गन्ध आना शुरू हो गई। इसके बाद वाॅल को तुरंत बंद किया गया। एसडीएम ने सामग्री को जब्त कर सील कर दिया मौके पर ही पंचनामा बनाकर आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।
रिसाव की कलेक्टर से की थी शिकायत

इटावा के महादेव नगर की गली नंबर दो में लगातार गेल कंपनी की बिछाई लाइन से गैस रिसाव हो रहा था। इसकी शिकायत शिव सेना के जिला अध्यक्ष सुनील वर्मा ने रहवासियों के साथ मिलकर की थी। इसके बाद कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने जांच दल का गठन किया। शनिवार को एसडीएम ऋषभ गुप्ता, तहसीलदार सपना शर्मा, नगर निगम के सहायक यंत्री मौजूद रहे।
चैंबर लाइन में विस्फोट से जा चुकी है जान

यहां पर दो घटनाएं हो चुकी हैं। पहली घटना ८ सितंबर को हुई। यहां रहने वाले भारत प्रजापत के मकान के सामने चैंबर की लाइन से विस्फोट हुआ। भारत और उनका परिसर एक हफ्ते से घर पर नहीं था। 8 सितंबर को बेटा भारत घर आया और शौच के लिए जाने के पहले लाइट चालू की। बटन आन करते ही विस्फोट हो गया था। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि भारत जल गया। पीछे की दीवार, आगे का दरवाजा और शटर तक उड़ गई। इलाज के दौरान १३ सितंबर को सागर की मौत हो गई थी। इसके बाद भी प्रशासन नहीं जागा। बाद में 12 नवंबर को फिर चैंबर में खतरनाक विस्फोट हुआ।
कंपनी पर केस दर्ज करें पीडित को दें मुआवजा

शिवसेना जिलाध्यक्ष सुनील वर्मा ने मांग की है कि गैल गैस लिमिटेड की गलती सिद्ध हो गई है। उनकी गम्भीर लापरवाही के कारण ही चेंबर के अंदर ब्लास्ट हुआ और चैंबर से जुड़े हुए घर के अंदर ब्लास्ट हुआ जिससे सागर प्रजापत की मृत्यु हो गई। गैल गैस लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही कर 304 का मुकदमा दर्ज किया जाए । शिवसेना प्रदेश उपाध्याय रोहित शर्मा ने साथ ही पीड़ित परिवार को फायर एंड सेफ्टी नियमों के तहत दी जाने वाली 50 लाख की मुआवजा राशि भी गेल गैस कंपनी से दिलवाए जाने की मांग की है।

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