एनजीटी के नियमों की उड़ रही धज्जियां, ग्रीन का रैपर लगाकर बेच रहे प्रदूषण वाले पटाखे

ग्रीन पटाखों का ही विक्रय किया जा रहा है, लेकिन शहर के भीतर कुछ दुकानों में पटाखा के पुराने स्टाक को भी खपाया जा रहा है।

By: Bhawna Chaudhary

Updated: 12 Nov 2020, 04:01 PM IST

धमतरी. छत्तीसगढ़ वर्तमान में कोरोना संकट का कहर झेल रहा है। धमतरी जिले में भी कोरोना संकट के चलते अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है। ठंड का सीजन शुरू होने के साथ ही कोरोना संक्रमित मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश शासन ने जिला प्रशासन को निर्देश जारी कर एनजीटी के नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए कहा गया है।

इसके तहत प्रशासन ने व्यवसायियों को केवल ग्रीन पटाखा ,बेचने की अनुमति प्रदान की है। सोमवार से मिशन मैदान से पटाखा का स्टाल भी सजकर तैयार हो गया। इस साल कोरोना संकट के चलते केवल 75 व्यवसायियों ने पटाखा विक्रय करने के लिए लायसेंस नवीनीकरण कराया है। इस तरह पिछले साल की तुलना में यहां 28 दुकानें कम लगी हैं।

यहां ग्रीन पटाखों का ही विक्रय किया जा रहा है, लेकिन शहर के भीतर कुछ दुकानों में पटाखा के पुराने स्टाक को भी खपाया जा रहा है। पत्रिका पड़ताल में पता चला है कि कुछ दुकानदार सामान्य पटाखों का रैपर बदलकर उसमें ग्रीन पटाखों का लेबल लगाकर बेच रहे हैं। ऐसे में यदि समय पर इसकी जांच पड़ताल नहीं की गई, तो प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति तक पहुंच सकता है और इससे बच्चों व बुजुर्गों को अधिक परेशानी होगी।

Bhawna Chaudhary
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