आज भगवान जगन्नाथ होंगे गर्भगृह में स्थापित, कल निकलेगी रथ यात्रा

Deepak Sahu

Publish: Jul, 13 2018 04:04:05 PM (IST)

Dhamtari, Chhattisgarh, India
आज भगवान जगन्नाथ होंगे गर्भगृह में स्थापित, कल निकलेगी रथ यात्रा

आज महाप्रभु को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। 14 जुलाई को निकलने वाली रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।

धमतरी. रथयात्रा के शताब्दी वर्ष पर यहां महाप्रभु की विशेष पूजा-अर्चना कर काढ़ा बांटा गया। 14 जुलाई को निकलने वाली रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। इसके लिए आवश्यक तैयारी भी पूरी कर ली गई है। आज महाप्रभु को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।

शहर में 14 जुलाई को विशाल रथयात्रा पर्व मनाया जाएगा। इस दिन महाप्रभु जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भाई बलभद्र शहर भ्रमण करते हुए जनकपुरी धाम पहुंचेंगे, जिसे लेकर मंदिर समिति के सदस्या और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। उल्लेखनीय है कि धमतरी का रथयात्रा आसपास के क्षेत्रों के विशेष महत्व रखता है। महाप्रभु की दर्शन और आस्था की फूल चढ़ाने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होते हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित बालकृष्ण शर्मा बताते हैं उनकी यह चौथी पीढ़ी है, जो महाप्रभु की सेवा कर रहे हैं। उल्लेखानीय है कि 7 जुलाई को महाप्रभु शाही स्नान कराया गया। ऐसी मान्यता है कि स्नान के बाद महाप्रभु अवस्थ हो जाते हैं, जिसके चलते गुरूवार को उन्हें औषधि (काढ़ा) का भोग लगाकर श्रद्धालुओं को इसका वितरण किया।

 

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10 टन का बन रहा प्रसाद
शताब्दी वर्ष होने के चलते मंदिर को फूलों और आकर्षक झालरों से सजाया गया है। 13 जुलाई को सुबह 10 बजे हवन-पूजन के बाद महाप्रभु को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई को दोपहर 1.30 बजे महाप्रभु समेत माता सुभद्रा और भाई बलभद्र को रथारूढ़ किया जाएगा। इसके बाद गाजे -बाजे और भक्ति संगीत की धुन पर भव्य और आकर्षक रथयात्रा निकाली जाएगी। श्रद्धालुओं को गजामूंग का प्रसादी वितरण करने के लिए इस साल 10 टन गजानंद का प्रसाद बनाया जा रहा है।

पूरी होती है मन्नत
श्रद्धालु गौरव शर्मा ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि यहां जो भी मन्नते मांगी जाती है, वह अवश्य ही पूरी होती है। श्रद्धालु श्रीफल चढ़ाकर महाप्रभु का आशीर्वाद लेते हैं। यही कारण है कि इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है।

25 को वापसी
मंदिर के ट्रस्टी लक्खूभाई भानुशाली ने बताया कि भगवान जगन्नाथ 11 दिन जनकपुरी धाम में रहने के बाद 25 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे से रथ में सवार होकर वापस जगदीश मंदिर लौटेंगे।

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