23 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सेहत के प्रति हैं जागरूक तो जरूर ध्यान रखें ये हैल्थ टिप्स

वैज्ञानिकों के अनुसार जो महिलाएं घरेलू कामकाज खुद करती हैं वे जिम न जाने या वर्कआउट न करने के लिए अपराधबोध महसूस न करें।
2 min read
Google source verification

image

Pawan Kumar Rana

Nov 25, 2017

Health care tips

Health care tips

ऊर्जा से भरपूर है चीकू: स्वाद में मीठा होने के साथ ही चीकू सर्दी का पौष्टिक फल भी है। इसमें विटामिन-ए, बी कॉम्प्लैक्स, सी, ई, फॉस्फोरस, प्रोटीन, फाइबर, कैलोरी, थाइमिन, आयरन आदि शरीर की सूक्ष्म कोशिकाओं को ताकत देते हैं। यह कई तरह से फायदेमंद है।
मजबूत हड्डियां: रोजाना एक चीकू खाने से बोन डेंसिटी बढ़ती है। इसके तत्व हड्डियों का घनत्व बढ़ाकर गठिया से बचाते हैं।
शुद्धिकरण: चीकू में कुछ प्रतिशत केवल पानी होता है। ऐसे में इसे खाने से यूरिन पूरा आता है। इससे शरीर के विषैले तत्त्व बाहर निकल जाते हैं व शरीर में पानी की कमी नहीं होती।
ऊर्जा दे: चीकू में मौजूद प्राकृतिक ग्लूकोज शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने का काम करता है।

फाइबर फूड बचाता है दिल के दौरे से
ब्रिटेन के एक मेडिकल जर्नल में छपे शोध के अनुसार ऐसे रोगी जो दिल का दौरा आने के बाद जल्द रिकवरी चाहते हैं वे फाइबरयुक्त फूड (केला, सेब, गाजर, मूली, चोकर युक्त आटे की रोटी) खाएं। हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ की इस स्टडी के अनुसार यदि आहार में रेशे की मात्रा रोज 10 ग्राम बढ़ाई जाए तो मौत का खतरा 15 फीसदी तक घट जाता है।

भुलक्कड़ बना सकता है थोड़ा सा भी मोटापा
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के नए शोध के अनुसार अधिक वजन से न सिर्फ व्यक्ति आलसी हो जाता है बल्कि उसकी याददाश्त पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। वैज्ञानिकों के अनुसार अल्जाइमर जैसी बीमारी के लिए भी मोटापा सबसे बड़ा कारण है। वजन बढऩे के साथ ही व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर और इंसुलिन के अनियंत्रित होने की समस्या बढ़ जाती है। इसकी वजह से खाने की आदतों में भी फर्क पड़ता है जिससे दिमागी कार्य प्रभावित होता है।

घरेलू कामकाज से जिमिंग जैसा फायदा
वैज्ञानिकों के अनुसार जो महिलाएं घरेलू कामकाज खुद करती हैं वे जिम न जाने या वर्कआउट न करने के लिए अपराधबोध महसूस न करें। 17 देशों के एक लाख 30 हजार अमीर और गरीब तबके के लोगों पर रिसर्च के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि बागवानी, कपड़े धोना या साफ-सफाई करना भी जिम जाने जैसा ही वर्कआउट है। दुनिया में होने वाली 12 में से 1 मौत को 30 मिनट के फिजिकल वर्कआउट से 5 साल तक टाला जा सकता है।