देश में पहली बार, नेशनल लोक अदालत में बैठे रहे जज, न्यायालीन कर्मचारियों और वकीलों ने कर लिया किनारा, जानिए क्यों

देश में पहली बार, नेशनल लोक अदालत में बैठे रहे जज, न्यायालीन कर्मचारियों और वकीलों ने कर लिया किनारा, जानिए क्यों

Dakshi Sahu | Updated: 14 Jul 2019, 11:46:03 AM (IST) Durg, Durg, Chhattisgarh, India

संभवत: देश की यह पहली नेशनल लोक अदालत (National lok adalat) है जिसमें न्यायालीन (Court) कर्मचारियों ने हिस्सा ही नहीं लिया। वहीं अधिवक्ता (Advocate) भी बार रूम से बाहर नहीं निकले। (Durg news)

दुर्ग. महिला जज (Judge) के कोर्ट (Court)रूम के बाहर खड़े किए गए भृत्य सदानंद यादव के बेहोश होने और आइसीयू (ICU)में भर्ती किए जाने के बाद कर्मचारी और अधिवक्ता न्यायालयीन (Court work) कार्य में शामिल नहीं हुए। इसका असर शनिवार को नेशनल लोक अदालत पर नजर आया। संभवत: देश की यह पहली नेशनल लोक अदालत (National lok adalat) है जिसमें न्यायालीन कर्मचारियों ने हिस्सा ही नहीं लिया। वहीं अधिवक्ता (Advocate) भी बार रूम (Bar room) से बाहर नहीं निकले। इसके चलते एकमात्र कुटुंब न्यायालय की खंडपीठ के पांच समझौतों को छोड़कर अन्य किसी भी खंडपीठ में प्रकरण का निराकरण नहीं हो सका।

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विधिक प्राधिकरण की तैयारी पूरी थी, पक्षकार आए मगर...
जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंद प्रसाद मिश्रा शनिवार को निर्धारित समय सुबह 10.30 बजे न्यायालय पहुंच गए थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने व्यवस्था पूरी कर रखी थी। सत्र न्यायाधीश ने लोक अदालत का विधिवत उद्घाटन भी किया। इसके बाद न्यायाधीश अपनी-अपनी खंडपीठ में बैठे। लेकिन कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के न्यायालयीन कार्य में शामिल नहीं होने से कार्य प्रभावित हुआ। (Durg news)

भृत्य की नाजुक हालत बताकर सहयोग मांगा
प्राधिकरण ने प्रकरणों के निराकरण के लिए बीमा कंपनी, बैंक और विद्युत विभाग के लिए अलग-अलग पंडाल लगाए गए थे। पक्षकार पहुंचे उनके प्रकरण संबंधी फाइल अदालत की आलमारी से नहीं निकलने पर लौट गए। दोपहर 2 बजे कर्मचारियों और अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने बीमा, बैंक कर्मियों को भृत्य साथी का आईसीयू में इलाज चलने की जानकारी देकर सहयोग मांगा। 10 मिनट में पंडाल खाली हो गया।

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5 प्रकरणों में समझौते के बाद काम ठप
जिला न्यायालय के कुटुम्ब खण्डपीठ में नेशनल लोक अदालत का काम चल रहा था। दोपहर 1 बजे तक 5 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके बाद अधिवक्ता व कर्मचारियों ने सहयोग करने वालों से भृत्य की हालत बताकर सहयोग की अपील की। इसके बाद यहां किसी प्रकरण पर विचारण नहीं हुआ।

तहसील न्यायालय पर नहीं हुआ असर
नेशनल लोक अदालत तहसील न्यायालय में आयोजित थी। पाटन और भिलाई-तीन तहसील न्यायालय में निर्धारित समय पर कर्मचारियों ने पहुंचकर नेशनल लोक अदालत का कार्य शुरू किया। दोनों ही तहसील न्यायालय में कुल 23 प्रकरणों पर समझौता कराया गया।

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निजी अस्पताल ने मांगे 40 हजार, सभी के सहयोग से एकत्र की राशि
सदानंद यादव को शुक्रवार की देर रामकृष्ण केयर अस्पातल रायपुर में भर्ती कराया गया है। उसे आईसीयू में रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने उसके उपचार के लिए 40 हजार जमा करने को कहा। इसकी सूचना पर कर्मचारियों ने सहायता राशि एकत्रित की। इममें अधिवक्ताओं ने भी सहयोग किया। अधिवक्ता संघ के सचिव ने 5000 राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसके अलावा अधिवक्ता संघ ने इलाज में अधिक खर्च होने पर सहयोग करने का आश्वासन दिया।

हाईकोर्ट में बैठक आज डीजे भी रहेंगे उपस्थित
नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण नहीं होने पर हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति लगातार नेशनल लोक अदालत की जानकारी ले रहे थे। न्यायालयीन सूत्रों के मुताबिक रविवार दोपहर 12.30 बजे हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है। जिसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंदप्रसाद मिश्रा के अनिवार्य रूप से उपस्थित होने की बात कही जा रही है। (Durg news)

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