मासूम का सवाल : मां मैं तो नानी के घर जा रही थी, फिर मुझे गोद में लेकर क्यों नदी में कूद गई?

तीज मनाने मायका आ रही महिला ने मासूम को गोद में लेकर कल शिवनाथ नदी में छलांग लगा दी थी।नगर सैनिक के गोताखोरों ने गुरुवार की सुबह 10 बजे मासूम का शव बाहर निकाल लिया। शव घटनास्थल से 50 मीटर की दूरी पर मिला।

Satyanarayan Shukla

September, 1307:23 PM

Durg, Chhattisgarh, India

दुर्ग. तीज मनाने मायका आ रही महिला ने मासूम को गोद में लेकर कल शिवनाथ नदी में छलांग लगा दी थी। महिला तो बच गई किंतु मासूम का शव रात एवं अंधेरा होने के कारण बुधवार को नहीं मिल पाया था। नगर सैनिक के गोताखोरों ने गुरुवार की सुबह 10 बजे मासूम का शव बाहर निकाल लिया। शव घटनास्थल से 50 मीटर की दूरी पर मिला। ग्राम चिखली में बने पुल से 50 मीटर की दूरी पर शिवनाथ नदी में नगर सैनिकों शव निकालने के लिए ६ घंटें तक मशक्कत करनी पड़ी। पोस्टमार्ट के बाद शव को परिजन को सौंप दिया गया। इस मामले में जेवरा पुलिस ने एक साल की मासूम बेटी की हत्या और आत्महत्या का प्रयास की धारा के तहत ग्राम मनगटा निवासी गौरी विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से महिला को जेल भेज दिया गया।

घटनास्थल से 50 मीटर की दूरी पर शव मिला

घटना का खुलासा होते ही नगर सैनिक की टीम शिवनाथ नदीं में उतरी थी। चार घंटें तक नदी में मासूम के नहीं मिलने और दिन ढलने के कारण गोताखोर बाहर आ गए थे। सुबह ७.३० बजे से नगर सैनिक घटनास्थल से मासूम को तलाश करते नदी के बहाव दिशा की ओर बढ़ रहे थे। सुबह लगभग १० बजे घटनास्थल से ५० मीटर की दूरी पर शव मिला। मासूम का शव देखते ही तट पर खड़े परिजन बिलख पड़े थे। पुलिस ने पंचनामा कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

अंतिम संस्कार मनगटा में
मासूम का पिता राजमिस्त्री गंगा विश्वकर्मा सूचना मिलते ही जेवरा चौकी पहुंचा था। रातभर वह चौकी में ही रहा। सुबह वह पुलिस टीम के साथ शिवनाथ नदी पहुंचा था। पोस्टमार्टम के बाद गंगा व परिवार के सदस्यों ने शव को लेकर सीधे मनगटा रवाना हो गए। वहीं शव का अंतिम संस्कार किया गया।

यह है मामला
बुधवार की दोपहर लगभग दो बजे तीज पर्व मनाने ग्राम भटगांव आई गौरी (२४ वर्ष) अपने एक साल की दुधमुंही बच्ची को लेकर शिवनाथ नदी में छलांग लगा दी थी। नदी में छलांग लगाने के बाद गौरी तैरकर बाहर निकल गर्ई और मासूम डूब गई थी। ग्रामीणों की नजर पड़ते ही ११२ डायल कर पुलिस को सूचना दी थी।

क्षणिक आवेश से गई मासूम की जान
पूछताछ के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि बात बात में गौरी परिवार वालों से झगड़ लेती और गुस्सा हो जाती थी। पिता के घर भटगांव आने की बात पर गौरी व उसकी सास का मामूली विवाद हुआ था। गौरी की सास का कहना था कि बच्चा छोटा है इसलिए पर्व के एक दिन पहले मायका चले जाना। इसी बात को लेकर वह गुस्से में थी। गौरी परिवार से अलग रहने के लिए पति के साथ भी अक्सर विवाद करती थी।

Satya Narayan Shukla
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