
मां बनने में आ रही है दिक्कत तो दिन में दो बार पिएं ये हर्बल चाय
नई दिल्ली। कई महिलाओं को शारीरिक कमी एवं अन्य कारणों के चलते मां बनने में दिक्कत आती है। अगर आप भी इसी परेशानी से पीड़ित है तो आपके लिए निर्गुण्डी का सेवन फायदेमंद हो सकता है। ये एक तरह की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। ये कई अन्य बीमारियों से भी लड़ने में सहायक है।
1.निर्गुण्डी में विटामिन और खनिज पदार्थ प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसलिए रोजाना करीब 200 मिलीग्राम की मात्रा में इसके रस के सेवन से लाभ होता है। आप चाहे तो गर्म पानी में इसके पत्ते उबाल कर इसे छानकर चाय की तरह भी पी सकती हैं। इससे मां बनने में आ रही रुकावटें दूर होंगी।
2.निर्गुण्डी में एंटी-बैक्टीरिया और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। ये घाव को जल्दी भरने में मदद करते हैं। इसके पत्तों को पीसकर प्रभावित स्थान पर लगाने से संक्रमण नहीं होता है।
3.निर्गुण्डी के तेल का उपयोग करने पर जूँ, डैंड्रफ और सिर की अन्य बीमारियां नहीं होती है। इससे बालों का झड़ना और गंजेपन की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।
4.इसका प्रयोग स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। क्योंकि निर्गुण्डी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण मुंहासों एवं दानों को ठीक करने में मदद करते हैं।
5.निर्गुण्डी के फूलों से हर्बल टी बनाकर पीने से सांस लेने में हो रही तकलीफ से बचा जा सकता है। ये आमतौर पर ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और निमोनिया जैसी बीमारियों को ठीक करने का काम करता है।
6.निर्गुण्डी के चुर्ण का गुनगुने पानी से लेने पर पेट अच्छे से साफ होता है। इससे कब्ज, पेट फूलने, पेंट में ऐंठन आदि की समस्याएं दूर हो जाती है।
7.इस जड़ी बूटी में कई औषधीय गुण होते हैं जो हमारी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके रोजाना सेवन से बीमारियां जल्दी आपको नहीं छू सकेंगी।
8.निर्गुण्डी के रस के सेवन से मौसमी बीमारियां नहीं होती है। इससे आप सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल बुखार की चपेट से सुरक्षित रहेंगे।
9.निर्गुण्डी के पत्तों को पीसकर उसका पेस्ट चेहरे पर लगाने से झाइयों से छुटकारा मिलता है। इससे ब्लैकहेड्स भी दूर होते हैं।
10.निर्गुण्डी के चूर्ण के सेवन से बदहजमी भी नहीं होती है। इसलिए खाना खाने के आधे घंटे बाद इसे गुनगुने पानी से लेने पर खाना अच्छे से पच जाता है।
Published on:
12 Feb 2019 04:49 pm
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