
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के हाथों सम्मान प्राप्त करती पूनम तिवारी।
जब आपको किसी बड़े सम्मान समारोह में शामिल होना है तो वहां पहुंचते तक थोड़ा तनाव लाजिमी है। लेकिन उससे पहले कहीं प्रोग्राम भी देना हो तो यह तनाव और बढ़ जाता है। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। 4 मार्च को मैं राजिम कुंभ में प्रोग्राम दी और 5 मार्च को दिल्ली रवाना होना था। अच्छा हुआ कि सब कुछ समय पर हो गया। यह मेरे जीवन का अनमोल पल है। मैं इसे कभी नहीं भूल पाऊंगी। कला के प्रति बरसों की तपस्या का प्रतिफल है, जिसके लिए मैं छत्तीसगढ़वासियों की शुक्रगुजार रहूंगी। यह कहा लोक गायिका पूनम तिवारी ने। बुधवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने 2022 और 2023 के संगीत संगीत नाटक कला अकादमी पुरस्कार प्रदान किया। इसमें राजनांदगांव की लोक गायिका और रंगकर्मी पूनम तिवारी को 2022 का सम्मान राष्ट्रपति के हाथों दिया गया। पत्रिका से खास बातचीत में पूनम ने कहा, किसी भी कलाकार के लिए सम्मान बेशकीमती होता है। मुझे यह सम्मान देकर सरकार ने गौरव का अनुभव कराया है। मैं इसलिए भी खुद पर गर्व कर रही हूं कि देश के नक्शे में मैंने छत्तीसगढ़ को प्रस्तुत किया। पूनम पारंपरिक परिधान में सम्मान लेने पहुंचीं थीं।
छत्तीसगढ़ का नाम करें रोशन
पूनम ने अवॉर्ड हासिल करने के बाद 27 सेकंड का एक वीडियो जारी कर नई पीढ़ी से कहा कि जब मुझे सम्मान दिया जा रहा था तो छत्तीसगढ़ का नाम लिया गया, मुझे बहुत गर्व हुआ। मैं चाहती हूं कि जितने भी कलाकार हैं वे भी अपने नाम को आगे बढ़ाएं और छत्तीसगढ़ के नाम को भी आगे बढ़ाएं।
8 साल की उम्र से प्रस्तुति
बता दें कि पूनम 8 साल की उम्र से ही लोक प्रस्तुतियां दे रही हैं। उन्होंने हबीब तनवीर के नया थिएटर में लंबे अरसे तक काम किया इसके बाद खुद के लोक कला मंच में गाने लगी। दुख की बात यह कि उनके पति दीपक तिवारी का निधन लकवे के कारण हो गया और उनके बेटे की मौत ह्दय रोग से हो गई।
करती रही हूं हवाई यात्रा
पूनम ने बताया, हवाई यात्रा तो मैं कई बार कर चुकी हूूं। हबीब साहब के साथ नाटकों के मंचन के लिए कई बार विदेश गए थे। इसलिए हवाई यात्रा का कोई नया अनुभव नहीं रहा। पूनम के साथ उनकी बिटिया बेला तिवारी गईं हैं जो उनकी देखरेख कर रही हैं।
Published on:
07 Mar 2024 12:06 am
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