4 जुलाई को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में प्रदर्शित वित्त वर्ष 2018-19 में सरकार का राजस्व संग्रह 15.6 लाख करोड़ रुपए बताया गया है, जबकि अगले दिन पेश किए गए आम बजट में संधोधित अनुमान के आधार पर 17.3 लाख करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति बताई गई है। इस तरह बजट में बताई गई राशि आर्थिक सर्वेक्षण के मुकाबले 1.7 लाख करोड़ रुपए अधिक है। अगर देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के परिप्रक्ष्य में देखें तो बजट में प्रदर्शित राजस्व प्राप्ति का अनुमान जीडीपी का 9.2 फीसदी है, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक यह केवल 8.2 फीसदी है।