वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजटीय प्रावधानों पर हुई बैठक के बाद दास ने कहा, आने वाले दिनों में नीतिगत ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीद है। इसके दो कारण हैं। पहला - RBI ने गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की फंड की कमी को दूर करने के लिए काफी कुछ किया है और अब पूरे बैंकिंग सेक्टर में कर्ज देने के लिए पर्याप्त फंड है। दूसरा - RBI की तरफ से रेपो रेट घटाने का फायदा तेजी से बैंक ग्राहकों को देने लगे हैं। बता दें, रेपो रेट की वह दर से जिसके आधार पर होम लोन, आटो लोन आदि की दरें तय होती हैं।