शाहजहांपुर के जिलाधिकारी ने यहां के रयान इंटरनेशनल स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश करते हुए CBSE को पत्र भेजा है।
शाहजहांपुर। हरियाणा के गुरुग्राम में दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की हत्या मामले से चर्चा में आया रयान इंटरनेशनल स्कूल एक आर फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर से जुड़ा है, जहां जिलाधिकारी ने यहां के रयान इंटरनेशनल स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश करते हुए सीबीएसई को पत्र भेजा है। इस स्कूल पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की तैयारी भी कर ली गई है। रयान स्कूल में 15 अगस्त को ध्वजारोहण नहीं किया गया था। यह बात सामने आने पर जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई की है।
इस स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बजाय स्कूल प्रबंधन ने छुट्टी घोषित कर दी थी। इसके खिलाफ छात्रों के अभिभावकों ने पहले जिला प्रशासन और फिर जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इस मामले को अब मुख्यमंत्री कार्यालय ने गंभीरता से लिया है और जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की एलआईयू जांच कराई। जांच में आरोप सही पाया गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि रयान इंटरनेशनल की शाहजहांपुर शाखा के प्रबंधन ने छात्रों के अभिभावकों को पहले ही सूचित कर दिया था कि स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल में छुट्टी रहेगी। कुछ अभिभावक जब देखने गए, तो वाकई स्कूल की इमारत पर तिरंगा नहीं था। इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम नरेंद्र सिंह ने सीबीएसई बोर्ड को इस स्कूल की मान्यता रद्द करने और स्कूल की प्रिंसिपल के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की है।
सीबीएसई ने स्कूलों को जारी किए सख्त सुरक्षा निर्देश
नई दिल्ली। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में आए दिन हिंसा और प्रताडऩा की होने वाली घटनाओं को देखते हुए अब स्कूलों की सुरक्षा ऑडिट करने का फैसला किया है और स्कूलों के लिए सख्त सुरक्षा निर्देश भी जारी किए हैं। गुरुग्राम के रायन स्कूल में गत दिनों एक बच्चे की निर्मम हत्या के घटना के बाद अब स्कूलों की सुरक्षा व्यस्था को पुख्ता करने की उठी मांग के मद्दे नजर सीबीएसई ने यह कदम उठाया है।
सीबीएसई ने स्कूलों को जारी ताजा निर्देश में कहा है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह स्कूल प्रशासन की है। निर्देश में कहा गया है कि यह हर बच्चे का अधिकार है कि वह भय मुक्त माहौल और सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करे और उसका किसी तरह शारीरिक या मानसिक शोषण या प्रताडऩा न हो। निर्देश में सभी स्कूलों को सीसीटीवी लगाने को कहा गया है और माली, चपरासी तथा ड्राईवर आदि का पुलिस सत्यापन भी करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा छात्रों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का भी निर्देश दिया गया है। निर्देश में हर स्कूल में अभिभावकों, छात्रों तथा शिक्षकों के बीच एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो बच्चों की शिकायतें सुनेंगे। सीबीएसई ने स्कूलों से यह भी कहा है की दो माह के भीतर स्कूल इस सम्बन्ध में अपनी कारवाई रिपोर्ट पेंश करें।