5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सीएम के दौरे के बाद निर्माणाधीन मॉडयुलर जेल को जल्द ही बजट मिलने की बढ़ी उम्मीद

सीएम के दौरे के बाद निर्माणाधीन मॉडयुलर जेल को जल्द ही बजट मिलने की बढ़ी उम्मीद  
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

इटावा

•

image

Ruchi Sharma

•

Updated: 3 Jun 2018, 8:44 AM IST

jail

सीएम के दौरे के बाद निर्माणाधीन मॉडयुलर जेल को जल्द ही बजट मिलने की बढ़ी उम्मीद

इटावा. समाजवादी सरकार के वक्त सैफई के एक समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष उनके चाचा और पार्टी के प्रमुख महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव ने कहा था कि राजनीति में पता नहीं कब आंदोलन के दौरान जेल जाना पड़ जाये लेकिन जेलों में बेहतर शौचालय के बड़ी कठिनाई है इसलिए जो भी जेल का निर्माण कराया जा रहा है उसमें शौचालय आदि की व्यवस्था बेहतर की जाए इसी सलाह के बाद जेल अधिकारियों ने इस जेल में शौचालय की बेहतर व्यवस्था की जा रही है।

सैफई तहसील के फूलापुर महोला में बन रही नई मॉडयुलर जेल के निर्माण कार्य पूरा होने में 35 करोड़ रुपए की दरकरार कार्यदायी संस्था का है। शासन अगर 35 करोड़ रुपए जल्द उपलब्ध करा दे तो नई जेल का निर्माण कार्य दिसम्बर तक पूरा हो सकता है। अभी तक 71 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। जेल में फिनिशिंग के साथ सड़कें व वॉटर सप्लाई का काम शेष बचा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निर्माणाधीन जेल का दौरा शुक्रवार को करना था लेकिन वह यहां नहीं पहुंचे। अगर सीएम नई जेल पर पहुंचते तो शायद इसका निर्माण कार्य जल्द पूरा हो सकता था।

नई जेल का निर्माण सपा सरकार में ही पूरा होना था। लेकिन किन्ही कारणों से निर्माण कार्य पूरा न हो सका। प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद बजट की भी समस्या गंभीर हो गई थी और एक साल से निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा था। नई जेल के लिए प्रदेश सरकार ने जनवरी में 20 करोड़ का बजट उपलब्ध कराया था। इसके बाद अपै्रल के महीने में दूसरी किस्त के रूप में 18 करोड़ रुपए और उपलब्ध कराए गए। इसके बाद से काम में कुछ तेजी आई है। राजकीय निर्माण निगम को 35 करोड़ रुपए की और आवश्यकता है अगर यह धनराशि जल्द उपलब्ध हो गई तो दिसम्बर तक नई जेल बनकर तैयार हो जाएगी।

फूलापुर महोला में नई जेल के लिए वर्ष 2015 में जगह तलाशी गई थी । 51 एकड़ जमीन की लिखा-पढ़ी अगस्त माह में हो गई थी और अक्टूबर से नई जेल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। नई जेल के निर्माण पर लगभग 287.38 करोड़ रुपए का बजट पास किया गया था।

माना जा रहा है कि प्रदेश की यह काफी अत्याधुनिक जेल होगी। दो हजार बंदी क्षमता की बन रही नई जेल के लिए नवम्बर 2016 से कोई भी बजट नहीं मिला था। जिसके कारण निर्माण कार्य काफी धीमा चल रहा था। नई जेल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल थी। वर्तमान में जो जेल संचालित हो रही है वह अंग्रेजों के समय की है और इसकी क्षमता 610 वंदियों की है। वर्तमान में इस जेल में तीन गुना से अधिक बंदी निरुद्ध है जिसके कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

अखिलेश यादव ने बंदियों को होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए नई जेल के निर्माण का निर्णय लिया था। पुरानी जेल आबादी क्षेत्र में होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भी महफूज नहीं है। नई जेल का जो निर्माण कार्य हो रहा है उसमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। बैरकों को बड़ा बनाया जा रहा है। जेल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह बिल्कुल किलानुमा नजर आएगी। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने 35 करोड़ रुपए का बजट और दिया तो दिसम्बर तक निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा।