पंचनदा को पर्यटन केंद्र बनाने में योगी सरकार हुई सक्रिय, डीएम ने किया औचक निरीक्षण

पंचनदा को पर्यटन केंद्र बनाने में योगी सरकार हुई सक्रिय, डीएम ने किया औचक निरीक्षण

Akansha Singh | Updated: 15 Jul 2019, 08:33:24 AM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

दुनिया के इकलौते पांच नदियो के संगम स्थल पंचनदा को पर्यटन केंद्र बनाने मे योगी सरकार हुई सक्रिय

इटावा. पांच दुनिया के संगमस्थल पंचनदा को पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार (Yogi Adityanath) के निर्देश पर इटावा की सरकारी मशीनरी सक्रिय हो चली है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पंचनद को पयर्टन केंद्र बनाने की दिशा में बनाये गये प्रोजेक्ट के क्रम 88.47 लाख के बजट की स्वीकृत मिल गई है। पंचनद पर बनाये गये प्रोजेेक्ट के बारे यूपीपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि पंचनद के विकास, सौन्दर्यीकरण हेतु पूर्व में 512.48 लाख का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया था जिसके सापेक्ष 88.47 लाख का बजट स्वीकृत हो गया है। अवशेष धनराशित स्वीकृत हेतु शासन से मांग की जानी है।

प्रवक्ता ने बताया कि इटावा के जिलाधिकारी जे.बी. सिंह ने पंचनद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पचनद के विकास एवं पर्यटन को दृष्टिगत सौन्दर्यीकरण कराने जाने, ओवरहैड टैंक का प्रस्ताव येाजना मे शामिल किये जाने, मन्दिर के किनारे कटान रोकने के लिए रिटेनिंग वाल बनाये जाने, घाट पर हाईमास्क सोलर लाइट लगाये जाने, सीढ़ी बनाये जाने, बाउण्ड्रीवॉल, नाला बनाये जाने हेतु प्रस्ताव शामिल किये जाने के निर्देश दिये।

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जिलाधिकारी ने पंचनद पहुंचकर इसके विकास हेतु कराये जाने वाले कार्याें के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस पर प्रोजेक्ट मैनेजर यूपीपीसीएल (UPPCL) कुलदीप सिंह ने बताया कि पचनद के विकास, सौन्दर्यीकरण हेतु पूर्व में 512.48 लाख का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया था जिसके सापेक्ष 88.47 लाख का बजट स्वीकृत हो गया है। शेष धनराशित स्वीकृत हेतु शासन से मांग की जानी है। इसके बाद जिलाधिकारी पैदल नदी के किनारे तक जाकर पचनद के विकास के लिए कराये जाने वाले कार्याे के संबंध में जानकारी प्राप्त की इसके साथ ही उन्होंने लोगों को पचनद तक पहुंचने के लिए सीढ़ियो को देखा जो काफी जीर्ण-शीर्ण थी, को बनवाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने पाया कि बरसात में नदी का पानी मन्दिर के किनारे से होकर गुजरता है जिस कारण मन्दिर के किनारें कटान हो रहा है इस पर उन्होने रिटेनिंगवाल बनाये जाने के निर्देश दिये।

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जिलाधिकारी द्वारा इसके पश्चात सिण्डोंस मे निर्मित कराये जाने वाले स्टेडियम स्थल का निरीक्षण किया गया वहां पर ऊबड़ खाबड जमीन को जेसीबी से समतलीकरण कार्य तेजी के साथ करते हुए पाया गया। उन्होने कहा कि समतलीकरण कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये। समतलीकरण का कार्य पूर्ण हो जाने के बाद स्टेडियम निर्माण 160.160 मीटर मे कराया जायेगा। इस पर जिलाधिकारी ने समतलीकरण कार्य पूर्ण होने के उपरान्त स्टेडियम निर्माण कार्य प्रारभ्भ किये जाने के निर्देश दिये। उप सिण्डौस के निवासीगणों ने नदी पर चैकडेम बनाये,उप मण्डी बनाये जाने की बात कहीं। जिस पर उन्होने मण्डी हेतु मण्डी सचिव के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाने के निर्देश दिये।


इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर, उप जिलाधिकारी चकरनगर इन्द्रजीत सिंह, खण्ड विकास अधिकारी चकरनगर प्रमोद कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर यूपीपीसीएल कुलदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी उपलस्थित रहे।
चंबल के कुख्यात डाकुओं के आंतक से जूझते रहे इटावा में पांच नदियों के संगमस्थल पचनदा की सूरत बदलने के लिए इटावा के सांसद रामशंकर कठेरिया भी पंचनदा की उपेक्षा के मुदा वो पिछले दिनो संसद उठा चुके है । औरैया, इटावा, जालौन की सीमा पर मिलने वाली पांच नदियों यमुना, चंबल, सिधु, पहुज व क्वारी के संगम पर पर्याप्त पानी है । यहां बैराज बनाकर छोटी छोटी कई नहरें निकाली जा सकती हैं । जो बुंदेलखंड सहित कई जनपदों के लोगों को सिचाई के लिए व पीने के लिए पानी व बिजली आदि की सुविधा मुहैया करा सकती है । इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा करीब 2600 करोड़ रुपये के बजट से इस योजना का सपना संजोया गया है ।उन्होंने केंद्र सरकार से पंचनद पर बैराज बनाए जाने की स्वीकृति दिए जाने की मांग की है । इस मांग के इसी साल पूरी हो जाने की उम्मीद है ।


उनका मानना है कि पंचनद पर बैराज निर्माण होने से सिचाई और पीने के पानी सहित बिजली उत्पादन का यहां की जनता को लाभ मिलेगा । अपितु भौगोलिक स्थित को देखते हुये मध्यप्रदेश से भी जुड़ाव हो सकेगा । जो पर्यटन के साथ साथ व्यापारिक दृष्टिकोण के लिये भी यहां की जनता के लिये काफी लाभदायी होगा। यह क्षेत्र औषधीय दृष्टिकोण से भी काफी सम्पन्न है। जिससे बीहड़ी क्षेत्र में भी हरा भरा होकर समृद्धि से लहलहाता दिखाई देगा।उन्होने बताया कि आईआईटी रूडकी को तीन महीने मे पंचनदा के लिए बेहतर प्रोजेक्ट तीन महीने मे भीतर तैयार करने के लिए कहा गया है । उम्मीद है कि तीन महीने के भीतर आईआईटी रूडकी के इंजीनियर एक ऐसा प्रोजेक्ट तैयार करके जो यहॉ की जनता के पंसद का तो होगा ही साथ ही क्षेत्र की आवश्यकताओ की पूर्ति करता हुआ दिख रहा होगा।


पिछले साल एक जून को इटावा दौरे के वक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चंबल के बीहड़ो में स्थापित दुनिया के पांच नदियो के संगम पचनदा को पर्यटन केंद्र के रूप मे स्थापित करने के ऐलान के बाद बीहडांचल मे खुशी की लहर पैदा हुई । अर्से से उपेक्षा के शिकार पचनद को लेकर किसी मुख्यमंत्री ने पहली दफा इसको पर्यटन केंद्र के रूप मे स्थापित करने का ऐलान कर इलाकाई लोगो मे खुशहाली का एहसास कराया । पर्यटन विभाग पंचनद को पयर्टन केंद्र के रूप मे स्थापित करने की प्रकिया मे बडी ही तेजी से जुटा है । हाल-फिलहाल 3 करोड 50 लाख रुपये से वहां पर घाट, मंदिर जीर्णाेद्धार, सैलानियों के लिए ठहरने का स्थान सहित अन्य सुविधाओं का कार्य कराया जाएगा ।

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