वित्त मंत्रालय की ओर से स्पष्टीकारण, वित्त वर्ष बीत जाने के बाद भी खत्म नहीं होगा इनपुट टैक्स क्रेडिट

वित्त मंत्रालय की ओर से स्पष्टीकारण, वित्त वर्ष बीत जाने के बाद भी खत्म नहीं होगा इनपुट टैक्स क्रेडिट

Saurabh Sharma | Publish: Jun, 05 2019 09:20:30 AM (IST) फाइनेंस

  • मंत्रालय ने किया 2017-18 में आयात पर भुगतान किए गए आईजीएसटी को स्पष्ट
  • आईजीएसटीआर 9 फॉर्म को पूरा और सही जानकारी के साथ भरने को कहा
  • 30 जून रखी गई है आईजीएसटीआर भरने की अंतिम तारीख

नई दिल्ली। बजट आने से पहले वित्त मंत्रालय की ओर से व्यापारियों और उद्योग से जुड़े लोगों को जीएसटीआर 9 फॉर्म और इनपुट टैक्स क्रेडिट के बारे में कई बातें स्पष्ट की हैं। वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अगर आपने वित्त वर्ष 2017-18 में आयातित वस्तुओं पर दिए गए जीएसटी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उसी वर्ष नहीं लिया है तो वो समाप्त नहीं होगा। वास्तव में व्यापार और उद्योग जगत की तरफ से वस्तु एवं सेवा कर ( जीएसटी ) लागू होने के पहले साल ( 2017-18 ) के सालाना रिटर्न भरने के बाद की चिंता को वित्त मंत्रालय की ओर से दूर किया गया है।

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कुछ ऐसी है व्यापारियों की चिंता
मंत्रालय के अनुसार कई करदाताओं ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि सालाना रिटर्न फॉर्म जीएसटीआर-9 करदाताओं को 2017-18 में आयात पर भुगतान किए गए आईजीएसटी के ब्योरे को रिपोर्ट करने की अनुमति नहीं देता, लेकिन उसके लिए क्रेडिट 2018-19 में लिया गया। जिसकी वजह से आशंका है कि जो क्रेडिट अप्रैल 2018 से मार्च 2019 के बीच लिए गए, लेकिन उसे सालाना रिटर्न में नहीं दिखाया गया, तो वह खत्म हो सकता है। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे जुलाई 2017 से मार्च 2019 के बीच आयातित वस्तुओं पर लिया अपना पूरा क्रेडिट फॉर्म जीएसटीआर-9 की सारणी 6 (ई) में भरें।

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वित्त मंत्रालय की ओर से किया गया स्पष्ट
इस बारे में वित्त मंत्रालय की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया है। स्पष्टीकरण में साफ कहा गया है कि कई करदाताओं ने अपने बही खातों या रिटर्न में अपने आप निकलने वाले आंकड़े और वास्तविक आंकड़ों में मिलान ना होने की बात बात कही है। मंत्रालय के अनुसार अपने आप आने वाले आंकड़े आंकड़े टैक्स पेयर्स की सुविधा के लिए उपलब्ध होते हैं। करदाता वित्त वर्ष के दौरान भरे गए अपने रिटर्न या अपने बही खातों के अनुसार ही डाटा उपलब्ध कराएं।

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30 जून भरना है जीएसटीआर-9

  • वस्तु एवं सेवा कर 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ था।
  • जीएसटी में 12 से ज्यादा स्थानीय करों को समाहित किया गया।
  • जीएसटी लागू होने के पहले साल के लिए सालाना रिटर्न जीएसटीआर-9 करदाताओं को 30 जून 2019 तक भरना है।
  • मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2018 को जीएसटी के तहत सालाना रिटर्न फॉर्म जीएसटीआर-9, जीएसटीआर-9ए और जीएसटीआर 9सी अधिसूचित किए थे।
  • जीएसटीआर-9 फॉर्म सामान्य करदाताओं के लिए सालाना रिटर्न भरने के लिए है।
  • जीएसटीआर-9ए एकमुश्त टैक्स स्कीम (कंपोजिशन) के अंतर्गत आने वाले करदाताओं तथा जीएसटीआर-9सी मिलान के ब्योरे के लिए है।

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