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कैपिटल नाॅर्म्स काे लेकर RBI से सिफारिश लगाएगी सरकार, बैंकों को होगा 60 हजार करोड़ रुपए का फायदा

बैंकों की खस्ता हालत को देखते हुए सरकार ने एक फैसला लिया हैं। सरकार चाहती है की आने वाली परेशानियों का सामना करने के लिए बैंक अपने पास जो पूंजी रखती हैं उसके नियमों में उसे छूट दी जाए।
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नई दिल्ली

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Manish Ranjan

•

Updated: 7 Aug 2018, 11:07 AM IST

bank

कैपिटल नाॅर्म्स काे लेकर RBI से गुहार लगाएगी सरकार, बैंकों को होगा 60 हजार करोड़ रुपये का फायदा

नई दिल्ली। बैंकों की खस्ता हालत को देखते हुए सरकार ने एक फैसला लिया हैं। सरकार चाहती है की आने वाली परेशानियों का सामना करने के लिए बैंक अपने पास जो पूंजी रखती हैं उसके नियमों में उसे छूट दी जाए। सरकार इसके लिए लगातार आरबीआई से बात कर रही है। सरकार आरबीआई से बैकों को अनिवार्य रूप से पूंजी रखने के नियमों में छूट देने की बात कर रही है। सरकार ने इसके लिए कम सख्त माने जाने वाले बाजल 3 नॉर्म्स को अपनाने का सुझाव दिया है। अगर ऐसा हुआ तो सरकारी बैंकों के पास रखा हुआ 60,000 करोड़ रुपये फ्री हो जाएगा, जिसका इस्तेमाल वो परेशानी में या कर्ज देने के लिए कर पाएंगे।

देश के विकास के लिए बैंकों की हालत में सुधार जरूरी

बैंक किस भी देश की इकॉनमी को बढ़ाने और घटाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर देश का विकास करना है तो पहले बैंकों की हालत में सुधार लाना बेहद ही जरूरी हैं। इसलिए सरकार ने ये कदम उठाने का फैसला किया हैं। सरकार ने इसके लिए वित्त मंत्रालय और नीति आयोग से बात कर ली हैं। सरकार ने वित्त मंत्रालय और नीति आयोग सुझाव भी मांगा है। ऐसा करने से न सिर्फ इकॉनमी की रफ्तार तेज करने में मदद मिलेगी बल्कि कमजोर बैंकों की ताकत बढ़ेगी और सरकार को उन्हें अपनी तरफ से पूंजी नहीं देनी पड़ेगी।


70 पर्सेंट बैंकिंग सिस्टम की मालिक सरकार

नीति आयोग के चेयरमैन राजीव कुमार का कहना है की देश के 70 पर्सेंट बैंकिंग सिस्टम की मालिक सरकार है। इसलिए बाजल 3 नॉर्म्स से अधिक कैपिटल की जरूरत नहीं है। इसका मतलब यह है कि बैंकिंग सेक्टर के इतने बड़े हिस्से को सरकार की गारंटी हासिल है। राजीव कुमार ने कहा कि इसके साथ डिपॉजिटर्स को भी सरकार की तरफ से सुरक्षा मिली हुई है।

बाजल 3 नॉर्म्स के आने से बैंकों को होगा फायदा

बैंकों को रिस्क वेटेड एसेट्स का 5.5 पर्सेंट हिस्सा अलग रखना पड़ता है, जिसे मिनिमम कॉमन इक्विटी (सीई) टियर 1 रेशियो कहा जाता है। बाजल 3 नॉर्म्स के तहत इसकी सीमा घटकर 4.5 पर्सेंट हो जाएगी। इस पूंजी के फ्री होने पर 6 लाख करोड़ तक का कर्ज बिना किसी प्रोविजनिंग के दिया जा सकेगा। जिसके बाद बैंको की हालत में भी सुधार हो जाएगा। अगर बैंकों की हालत दिन ब दिन ऐसे ही बिगड़ती रही तो देश की इकॉनमी पर इसका काफी असर पड़ेगा।