बेजुबानों को भूखा देख निकल आते हैं इन समाजसेवियों के आंसू, जगह—जगह जाकर भर रहे जानवरों का पेट

— फिरोजाबाद में जानवरों के दुख को देखकर फूट—फूटकर रोते हैं लोग, स्वयं करते हैं मदद

By: arun rawat

Published: 23 Apr 2020, 05:05 PM IST

फिरोजाबाद। लॉक डाउन में सबसे अधिक परेशान बेजुबान जानवर हैं जो अपने मन की व्यथा किसी को बता भी नहीं सकते। ऐसी विषम परिस्थिति में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी जानवरों का पेट भरने का काम कर रहे हैं। नगर की संकल्प संस्था, धर्म जागृति विद्या महिला मंडल के अलावा आरपीएफ कर्मी भी जानवरों का पेट भरने का काम कर रहे हैं।

भूखे जानवरों को देख निकल आते हैं आंसू
शहर में तमाम लोग ऐसे भी हैं जो भूख और प्यास से व्याकुल जानवरों को देखकर विलख पड़ते हैं उनकी आंख से आंसू निकल आते हैं। संकल्प संस्था के इंजीनियर आरपी शर्मा ने सभी क्षेत्रीय जनता से अपील की है कि वह भी अपने स्तर से भूख और प्यास से भटक रहे बेजुबानों का पेट भरने का काम करें। इस मौके पर विनोद गुप्ता, अशोक सारस्वत, राकेश कटियार, राकेश यादव आदि मौजूद रहे।

आरपीएफ ने की जानवरों की सेेवा
रेलवे स्टेशन पर सबसे अधिक बंद रहते हैं। जिन्हें खाने को कुछ नहीं मिल पा रहा। सब कुछ बंद होने के बाद वह भूखे इधर—उधर भटक रहे हैं। ऐसे जानवरों का पेट भरने के लिए आरपीएफ के जवान भी हर समय तैयार रहते हैं। उनके द्वारा गरीबों का पेट भरने के साथ ही बेजुबान जानवरों का भी पेट भरा जा रहा है।

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