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जानिए पीएम मोदी के नाले की गैस से चाय बनाने वाली बात में कितनी है सच्चार्इ, इन युवकों ने किया साबित

इस जगह नाले से निकलने वाली गैस का किया जा रहा इस्तेमाल
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गाज़ियाबाद

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Nitin Sharma

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Updated: 21 Aug 2018, 2:32 PM IST

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जानिए पीएम मोदी के नाले की गैंस से चाय बनाने वाली बात में कितनी है सच्चार्इ, इन युवकों ने किया साबित

नोएडा।कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में नाले से निकलने वाली गैस से चाय बनने का दवा किया था।हालांकि उस समय पीएम की इस बात को लेकर खूब हंसी उड़ी थी।इतना ही नहीं कुछ लोगों ने हंसी मजाक के रूप में नालों के पास जाकर चाय बनाते हुए एक वीडियो भी बनाया था।लेकिन अब जो सच्चार्इ समाने आर्इ है।उसने इन सब पर विराम लगाते हुए पीएम मोदी को सही साबित कर दिया है।दरअसल पीएम के बयान के बाद से ही गाजियाबाद में कुछ स्टूडेंट नाले की गैंस को र्इधन के रूप में प्रयोग करने के प्रयास में जुट गये है।

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इस जगह पर नाले की गैंस से बनार्इ जा रही चाय

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के साहिबाबाद में नाले किनारे एक शख्स चाय बनाकर गुजारा रकता है। वह अब नाले से निकलने वाली गैस से चाय बनाने के प्रयास में जुटे हैं। ये गैस उन्हें पीछे बह रहे नाले से मिल रही है। जिसे मीथेन गैस भी कहा जाता है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार इन्हें उम्मीद है कि यह तरीका कारगार होगा। अगर एेसा हुआ तो नाले किनारे चाय का स्टाॅल लगाने के अलावा स्टाॅल लगाने वाले अन्य लोगों को इसका बड़ा फायदा होगा।

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काॅलेज के छात्रों ने तैयार किया है प्रोजेक्ट, एेसे निकाल रहे गैस

दरअसल साहिबाबाद के इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के एक छात्र ने नाले से गैस निकालने की तकनीक का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है।इस तकनीक में 200 लीटर के उल्टे ड्रम नाले में डाले गए हैं।ये ड्रम नाले में बह रही मीथेन गैस को पकड़ते हैं।इसके बाद ड्रम में भरी गैस को पाइप के सहारे निकालकर जरूरत वाली जगह तक ले जाते है।वहीं नाले में पानी के बहाव से ड्रम इधर उधर न हिले।इसके लिए उनके अासपास लोहे की जाली लगार्इ गर्इ है।वहीं कॉलेज का दावा है कि पीएम मोदी ने नाले से निकलने वाली गैस से चाय बनने का जो दावा किया।उसमें उन्हीं का जिक्र किया था।इसकी वजह उन्होंने चार साल पहले तकनीक के सहारे एक चायवाले को गैस की सप्लार्इ दी थी।हालांकि काॅलेज का दावा है कि नगर निगम ने उनके प्राेजेक्ट को बंद करवा दिया था।

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