BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ सरकारी अफसर से मारपीट मामला पहुंचा डीएम ऑफिस

  • पीड़ित अधिकारी ने डीएम से की विधायक पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग
  • भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने अफसर को बताया भ्रष्ट
  • विधायक ने अफशर पर ही लगाए धमकी देने के आरोप

By: Iftekhar

Published: 27 Nov 2019, 08:32 PM IST

गाजियाबाद. लोनी विधानसभा से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर हमेशा से ही सुर्खियों में रहते हैं। अपने स्वभाव के अनुसार नंदकिशोर एक बार फिर से सुर्खियों में है। हालिया मामला उनके चुनाव क्षेत्र लोनी इलाके का है । यहां पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी के साथ उन पर मारपिटाई का आरोप लगा है। आरोप है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष सिंह बुधवार को लोनी में दौरे पर निकले थे। तभी लोनी के भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने उन्हें एक दुकान पर कार्रवाई करने की बात कही। ऐसे में जब आशुतोष सिंह ने कहा कि यह उनके विभाग का मामला नहीं है। लिहाजा उनके पास दुकान बंद करने की शक्ति नहीं है। आरोप है इसपर विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने आशुतोष सिंह को अपने ऑफिस पर बुलाया। आशुतोष सिंह का आरोप यह भी है कि वहीं पर विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने और उनके साथियों ने उनके साथ जमकर मारपीट की और उनके कपड़े तक फाड़ डाले। इतने पर भी जब उनका मन नहीं भरा तो उनका फोन भी तोड़ दिया। बचाव करने आए ड्राइवर के साथ भी विधायक और उसके गुर्गों ने मारपीट की। इस दौरान उनके ड्राइवर का फोन भी अपने कब्जे में ले लिया।

विधायक के ऑफिस से निकलने के बाद आशुतोष सिंह जिलाधिकारी दफ्तर पहुंचे और अपनी आपबीती तमाम अधिकारियों को बताई। इसके बाद सभी अधिकारी आशुतोष सिंह के साथ अपर जिलाधिकारी आवास पर पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। आशुतोष सिंह द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों में कितनी सच्चाई है। यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा, लेकिन यह पहला मामला नहीं है। जब नंदकिशोर गुर्जर इस तरह सुर्खियों में रहे हैं। चाहे वह रेत खनन का मामला हो, या फैक्ट्रियां बंद कराने का। लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर हमेशा से ही सुर्खियों में रहे हैं।

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वहीं, इस पूरे मामले में अपर जिला अधिकारी ने अधिकारी की बात सुनते हुए जांच की बात कही है। जिला अधिकारी का कहना है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी, जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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वहीं, जब इस मामले में विधायक नंदकिशोर गुर्जर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग के अधिकारी ने उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, सभी बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले इस इलाके में अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों को प्रशासन द्वारा बंद कराया गया था, जिन्हें खुलवाने की एवज में इस अधिकारी महोदय ने दुकानदारों से पैसे लिए गए थे। इनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। उसके बाद इन्हें सस्पेंड किया गया, लेकिन दोबारा से फिर इनकी तैनाती उसी इलाके में हो गई और अब भी यह उसी ढर्रे पर इस इलाके में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें ऑफिस पर बुलाया भी नहीं गया था। वह खुद ही ऑफिस पर पहुंचे थे, जहां पर उनसे नॉर्मल ही बात की गई थी। किसी तरह की कोई मारपीट नहीं की गई थी।

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विधायक नंदकिशोर गुर्जर का कहना है कि अपने बचाव के लिए इस अधिकारी महोदय ने यह बेवजह के आरोप उनके ऊपर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और इनकी असलियत सामने आ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उल्टा उनके ऑफिस में ही यह धमकी भी दी कि मुख्यमंत्री से उनके बहुत अच्छे संबंध है। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार जब आपको मुख्यमंत्री से मिलवाया था तो मैंने ही मिलवाया था। बहरहाल सभी आरोप बेबुनियाद है और इसकी निष्पक्ष से जांच होनी चाहिए।

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