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अयोध्या नहीं, यूपी के इस शहर में 100 करोड़ की लागत से बनाई जाएगी विशाल खूबसूरत मस्जिद

मस्जिद को बनाने में 90 फीसदी कांच का प्रयोग किया जाएगा 10 फीसदी हिस्‍सा प्‍लाई, स्‍टील, सोने और चांदी से बनेगा दि इस्लामिक फाउंडेशन के अफसरों नेप्रेसवार्ता में दी जानकारी
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सहारनपुर

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 25 Nov 2019, 6:54 PM IST

सहारनपुर. अयोध्या में बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि पर फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद वाली जमीन राम लला को दे दी गई और मुसलमानों को मस्जिद के लिए दूसरी जगह 5 एकड़ जमीन देने को कहा। इस फैसले के बाद मुस्लिम संगठनों ने दूसरी जगह मस्जिद बनाने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का फैसला लिया गया। इस बीच उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मुसलमानों ने 100 करोड़ की लागत से मस्जिद बनाने का फैसला लिया है। हालांकि, इस मस्जिद का बाबरी मस्जिद से कोई लेनादेना नहीं है।

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उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सहारनपुर (Saharanpur) में 100 करोड़ रुपये में मस्जिद बनाने का ऐलान किया गया है। इसका नाम अल्‍लाह रखा जाएगा। इसको लेकर दि इस्लामिक फाउंडेशन ने रविवार को कहा कि इसमें एक लाख लोग एक साथ बैठकर नमाज पढ़ सकेंगे। दि इस्लामिक फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने रविवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

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आम लोगों से लिया जाएगा चंदा
फाउंडेशन (Foundation) के अध्यक्ष मोहम्मद अली एडवोकेट ने कहा कि 100 करोड़ की लागत से बनने वाली इस मस्जिद को बनाने में 90 फीसदी कांच का प्रयोग किया जाएगा, जबकि 10 फीसदी हिस्‍सा प्‍लाई, स्‍टील, सोने और चांदी से बनेगा। इसके लिए वह आम लोगों से चंदा लेंगे। उनका कहना है कि देश में मुस्लिम मतदाताओं की संख्‍या करीब 10 करोड़ है। मस्जिद के निर्माण के लिए हर मुस्लिम से 10 रुपये का चंदा लिया जाएगा। साथ ही में कांच की बोतल और गिलास भी लिए जाएंगे।

2020 में शुरू होगा निर्माण
उन्‍होंने कहा कि इसका निर्माण अगले साल 2020 को शुरू कर दिया जाएगा। मस्जिद के लिए सहारनपुर में जगह तलाशी जा रही है। यह 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि अगर कोई दूसरे धर्म का शख्‍स भी चंदा देना चाहता है तो शरीयत के अनुसार उसका प्रयोग होगा। यह सबसे अलग होगी। इसके निर्माण के लिए बेल्जियम से इंजीनीयर और कारीगर आएंगे। साथ ही भविष्‍य में किसी भी विवाद से बचने के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) से इसकी एनओसी ली जाएगी।

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ये होंगी खासियतें-
- 11 हजार लेजर लाइटों से जगमगाएगी मस्जिद
- 1 लाख लोग एक साथ पढ़ सकेंगे नमाज
- मस्जिद के चारों ओर होगा एक हजार सुंदर भवनों का निर्माण