script पूर्वी UP में AIIMS गोरखपुर बना इस मामले में पहला संस्थान | gorakhpur news, AIIMS gorakhpur become first in this facility | Patrika News

पूर्वी UP में AIIMS गोरखपुर बना इस मामले में पहला संस्थान

locationगोरखपुरPublished: Dec 12, 2023 10:10:39 pm

Submitted by:

anoop shukla

UP News : मंगलवार को एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सुरेखा किशोर ने 30 बेड के ट्रामा वार्ड का उद्घाटन किया। इसके साथ ही एम्स के ट्रामा सेंटर में बेड की संख्या बढ़कर अब 60 हो गई है। कार्यकारी निदेशक ने छह बेड के आईसीयू का भी उद्घाटन किया।

पूर्वी UP में AIIMS गोरखपुर बना इस मामले में पहला संस्थान
पूर्वी UP में AIIMS गोरखपुर बना इस मामले में पहला संस्थान
Tries area of 24 bed in AIIMS Gorakhpur : एम्स गोरखपुर के ट्रामा सेंटर व इमरजेंसी विभाग में मरीज को आधुनिक पद्धति से इलाज मिलेगा। इसके लिए एम्स में 24 बेड का ट्रायज एरिया शुरू किया गया है।इसके साथ ही छह बेड का आईसीयू भी ट्रामा सेंटर में मंगलवार से शुरू हो गया।
मंगलवार को हुआ 30 बेड के ट्रामा वार्ड का उद्घाटन

मंगलवार को एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉक्टर सुरेखा किशोर ने 30 बेड के ट्रामा वार्ड का उद्घाटन किया। इसके साथ ही एम्स के ट्रामा सेंटर में बेड की संख्या बढ़कर अब 60 हो गई है। कार्यकारी निदेशक ने छह बेड के आईसीयू का भी उद्घाटन किया। एम्स का आईसीयू सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। हर बेड पर वेंटिलेटर, मल्टी पैरा मॉनिटर लगे हुए हैं।एम्स के ट्रॉमा सेंटर में लंबे समय से विस्तार की योजनाएं चल रही थी। यह योजनाएं अब आगे बढ़ने लगी है। इस ट्रामा सेंटर में तीन हिस्से होंगे। पहला हिस्सा 24 बेड के ट्रायज एरिया का है। इसके बाद 30 बेड का वार्ड संचालित है।
गंभीर मरीजों के लिए 6 बेड का आईसीयू भी होगा।

पूर्वी यूपी के पहले संस्थान में शुरू हुआ ट्रायज एरिया। एम्स के ट्रामा सेंटर में 24 बेड का ट्रायज एरिया है। इस सुविधा वाला यह पूर्वी यूपी का पहला संस्थान है। ट्रायज एरिया में ही सबसे पहले मरीज भर्ती होंगे। इस एरिया को तीन जोन में बांटा गया है। ग्रीन जोन में 11 बेड, यलो जोन में 7 और रेड जोन में 6 बेड लगाए गए हैं।
मरीजों की हालत देख रखा जायेगा ग्रीन, येलो रेड जोन में

ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉक्टर अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि सबसे पहले मरीज ट्रायज एरिया में ही पहुंचेगे। यहां पर मरीज की प्राथमिक जांच होगी। सामान्य हालत या खतरे से बाहर मरीजों को ग्रीन जोन में रखा जाएगा। जिन मरीजों की हालत बिगड़ने की आशंका होगी। उनके शरीर के बीपी, पल्स, डायबिटीज या सांस लेने की समस्या में गड़बड़ी के संकेत होंगे। उन्हें यलो जोन में रखा जाएगा। इसके अलावा जो मरीज बेहद गंभीर हालत में रहेंगे। उन्हें रेड जोन में रखा जाएगा। रेड जोन में सभी बेड पर वेंटिलेटर, मल्टी पैरा मॉनिटर जैसी आईसीयू सुविधाएं हैं। उद्घाटन समारोह में डीडीए अरूण कुमार सिंह, डॉ गौरव गुप्ता, डॉ अरविंद कुमार, डॉक्टर विक्रम वर्धन, पंकज कुमार श्रीवास्तव, डॉ सुहास मल्ल, डा अरूप मोहंती मौजूद रहें।

ट्रेंडिंग वीडियो