scriptgorakhpur news, vinod upadhyay encounter story | ऐसा था विनोद का रसूख, 39 मामले दर्ज ..एक में भी सजा नहीं | Patrika News

ऐसा था विनोद का रसूख, 39 मामले दर्ज ..एक में भी सजा नहीं

locationगोरखपुरPublished: Jan 05, 2024 10:50:14 am

Submitted by:

anoop shukla

24 मई 2023 को गोरखपुर कैंट इलाके के दाउदपुर में रहने वाले कैंसर पीड़ित पूर्व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवीण श्रीवास्तव ने गुलरिहा थाने में विनोद उपाध्याय, उसके भाई संजय, नौकर छोटू और दो अज्ञात के खिलाफ रंगदारी मांगने, तोड़फोड़ करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने नौकर छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

ऐसा था विनोद का रसूख, 39 मामले दर्ज ..एक में भी सजा नहीं
ऐसा था विनोद का रसूख, 39 मामले दर्ज ..एक में भी सजा नहीं
विनोद मूलरूप से अयोध्या जिले के उपाध्याय का पुरवा का रहने वाला था। सितंबर 2023 में विनोद पर यूपी पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। पहले 50 हजार का इनाम था। 7 महीने से STF के साथ क्राइम ब्रांच और गोरखपुर जिले की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।41 साल की उम्र में विनोद के खिलाफ गोरखपुर समेत अन्य जिलों में 39 मुकदमे दर्ज थे। लेकिन, उसका दबदबा ऐसा था कि किसी भी मामले में अब तक उसे सजा नहीं हुई थी। गोरखपुर पुलिस सूत्रों ने बताया कि विनोद अपनी पत्नी और बेटी को लेकर फरार चल रहा था। चर्चा थी कि उसने बस्ती और महारागंज में सरेंडर का प्लान किया था। लेकिन, वह कर नहीं पाया था।
मई में विनोद पर पहला इनाम घोषित हुआ, दिसंबर में एनकाउंटर

24 मई 2023 को गोरखपुर कैंट इलाके के दाउदपुर में रहने वाले कैंसर पीड़ित पूर्व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवीण श्रीवास्तव ने गुलरिहा थाने में विनोद उपाध्याय, उसके भाई संजय, नौकर छोटू और दो अज्ञात के खिलाफ रंगदारी मांगने, तोड़फोड़ करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने नौकर छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।फरार चल रहे विनोद और उसके भाई पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। इसके बाद इनामी राशि 50 हजार, फिर 1 लाख की गई।
गोरखपुर जोन का दूसरा बड़ा इनामी था विनोद

कुछ महीनों पहले प्रदेश के DGP विजय कुमार ने प्रदेश के टॉप- 68 माफिया की लिस्ट में शामिल बदमाशों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की थी। इसमें प्रदेश के 9 बदमाशों पर प्रभावी कार्रवाई न होने पर DGP ने नाराजगी जताई थी। इसमें गोरखपुर से विनोद उपाध्याय का नाम भी शामिल था।
विनोद गोरखपुर जोन के 11 जिलों में दूसरा सबसे बड़ा इनामी अपराधी था। उस पर एक लाख का इनाम था। पहले नंबर पर राघवेंद्र यादव का नाम है। 4 लोगों की हत्या करने वाला झंगहा के सुगहा गांव का राघवेंद्र पर 2.50 लाख रुपए का इनाम घोषित है। वह साल 2016 से फरार चल रहा है।
कोर्ट में हाजिर न होने पर हुआ था गैर जमानती वारंट

गोरखपुर की शाहपुर थाना पुलिस ने साल 2010 में विनोद उपाध्याय, उसके भाई संजय उपाध्याय और सहयोगी प्रभाकर द्विवेदी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर शशिभूषण कुमार शांडिल की कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई पर हाजिर न होने की वजह से माफिया और उसके भाई के खिलाफ अप्रैल में गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। तभी से पुलिस विनोद की तलाश कर रही थी।
हालांकि, इस बीच पुलिस का दबाव बढ़ता देख माफिया के भाई संजय उपाध्याय ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जबकि, पुलिस ने उसके कई गुर्गो को गिरफ्तार भी किया। कई बार विनोद ने भी पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की। लेकिन, वह इससे सफल नहीं हो सका। विनोद पर पुलिस की कार्रवाई देख उससे पीड़ित हुए लोग भी खुलकर सामने आने लगे। इस दौरान विनोद के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे।

ट्रेंडिंग वीडियो