EXCLUSIVE- इस फि‍ल्‍म में दिखेगी दादरी के बिसाहड़ा गांव की असलियत

 EXCLUSIVE- इस फि‍ल्‍म में दिखेगी दादरी के बिसाहड़ा गांव की असलियत
dadri

डॉक्यूमेंट्री द ब्रदरहुड का ट्रेलर पिछले माह मई में रिलीज किया गया थ्‍ाा

वीरेंद्र शर्मा, ग्रेटर नोएडा। दादरी का बिसाहड़ा कांड जल्‍द ही रुपहले पर्दे पर दिखेगा। फिल्‍म के डायरेक्‍टर और प्रोड्यूसर का दावा है क‍ि इससे घटना की सच्‍चाई का सबको पता चलेगा। दादरी के बिसाहड़ा कांड की हकीकत बयां करती डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'द ब्रदरहुड' का का ट्रेलर पिछले माह मई में रिलीज किया गया थ्‍ाा। इसका ट्रेलर यू ट्यूब पर देखा जा सकता है। डायरेक्‍टर के अनुसार, ये डॉक्‍यूमेंट्री जून के आखिरी सप्‍ताह में रिलीज होगी।



डॉक्यूमेंट्री 'द ब्रदरहुड' का निर्माण पत्रकार पंकज पाराशर ने ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब के सहयोग से किया है। पंकज पाराशर ने बताया क‍ि द ब्रदरहुड में बिसाहड़ा कांड और अखलाख की हत्या से पैदा हुई परिस्थितियों को दर्शाया गया है। यहां के दो गांवों घोड़ी बछेड़ा और तिल बेगमपुर के बीच रिश्ते इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म का मुख्य विषय हैं। घोड़ी बछेड़ा हिंदू ठाकुरों का गांव है और तिल बेगमपुर में मुस्लिम ठाकुर हैं, लेकिन घोड़ी बछेड़ा तिल बेगमपुर गांव को अपना बड़ा भाई मानता है। इसके पीछे कई ऐतिहासिक घटनाएं हैं। पंकज पाराशर ने बताया क‍ि करीब 24 मिनट की डॉक्यूमेंट्री के दौरान ग्रेटर नोएडा, दादरी, जैसलमेर, सोमनाथ और ऋषिकेश से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं और स्थल देखने को मिलेंगे।

dadri

28 सितंबर 2015 की रात बिसाहड़ा में गौहत्या के आरोप में अखलाख की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद मामला काफी गरमाया था और पूरे देश के नेताओं ने इस पर अपनी सियासत की थ्‍ाी। ऐसा लगा था जैसे यहां हिन्दू और मुसलमान साथ नहीं रह सकते, लेकिन तस्वीर बिल्कुल जुदा है। इस इलाके में हिन्दू और मुस्लिमों के रिश्तों को डॉक्यूमेंट्री सामने लाएगी।

dadri

पंकज पाराशर ने बताया क‍ि बिसाहड़ा के पड़ोस में घोड़ी बछेड़ा और तिल बेगमपुर हैं। घोड़ी बछेड़ा गांव भाटी गोत्र के हिन्दू ठाकुरों का है। तिल बेगमपुर में भाटी गोत्र के मुस्लिम ठाकुर हैं। घोड़ी बछेड़ा गांव तिल बेगमपुर गांव को अपना बड़ा भाई मानता है। मतलब, एक हिन्दू गांव का बड़ा भाई मुस्लिम गांव है। इसके पीछे एक ऐतिहासिक घटना है।

dadri

उन्‍होंने बताया क‍ि जब दिल्ली में मुगल बादशाह फर्रूखशियार शासन कर रहे थे तो उन्होंने इस क्षेत्र पर हमला कर दिया था। तब यहां रावल संपूर्ण सिंह जागीरदार थे। युद्ध रोकने के लिए फर्रूखशियार ने संपूर्ण सिंह के सामने इस्लाम कबूल करने की शर्त रख दी। संपूर्ण सिंह के सबसे बड़े पुत्र फतह सिंह ने इस्लाम कबूल कर लिया लेकिन फर्रूखशियार से अपने चार छोटे भाइयों को हिन्दू ही रहने देने का निवेदन किया। फर्रूखशियार ने यह बात मान ली। तब से सारे हिन्दू ठाकुर खुद को संपूर्ण सिंह और उनकी संतानों का अहसानमंद मानते हैं।

dadri



Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned