30 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सऊदी में गिरफ्तारी के बाद प्रिंस अल्वालीद को 78 अरब का नुकसान, ऐसे जीतें थे लाइफ

अल्वालीद की कंपनी किंगडम होल्डिंग कंपनी (केएचसी) की मार्केट वैल्यू घटकर 19 बिलियन डॉलर से घटकर 17.8 बिलियन डॉलर हो गई है।

2 min read
Google source verification
Saudi Arabia,Gulf, Alwaleed bin Talal

नई दिल्ली। सऊदी अरब के राजकुमार अल्वालीद बिन तलाल की गिरफ्तार के बाद उनकी कंपनी को बड़ा घाटा हुआ है। पिछले 48 घंटे में अल्वालीद की कंपनी किंगडम होल्डिंग कंपनी (केएचसी) की मार्केट वैल्यू घटकर 19 बिलियन डॉलर से घटकर 17.8 बिलियन डॉलर हो गई है। जिसमें कुल घाटा 1.2 बिलियन डॉलर यानि करीब 78 अरब रुपये है। ये कंपनी सऊदी अरब के सबसे बड़ी निवेश कंपनियों में से एक है।

कंपनी में अल्वालीद का कितना है शेयर?
जानकारी के मुताबिक केएचसी में अल्वालीद का करीब 95 फीसदी शेयर है। जिसकी बाजार में वैल्यू 9.6 बिलियन डॉलर है। इसमें उनकी संपत्ति, निवेशकों की पूंजी, प्लेन, ज्वैलरी आदि शामिल हैं। उन्होंने टि्वटर और एप्पल के अलावा सिटी ग्रुप बैंक समते कई नामी कंपनियों में निवेश किया है। मबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार 19 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ वह दुनिया के 50वें सबसे अमीर शख्स हैं।

ऐसे जीते हैं लाइफ?
फोर्ब्स मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक अल्वालीद के पास एक मार्बल फील्ड है। इसके साथ ही जिस महल में रहते हैं उसमें 420 कमरे हैं। अल्वालीद यात्रा के लिए एक प्राइवेट बोइंग 747 विमान खरीदा है, जो ताजों से सजा है। इसके अलावा सऊदी में कई रिजॉर्ट और कृत्रिम झीलें हैं।

महिलाओं को नौकरी देने में आगे
आपको बता दें कि राजकुमार अल्वालीद अपनी कंपनी में महिलाओं को नौकरी देने के मामले में प्रसिद्ध हैं। उनकी कंपनी में दो तिहाई महिलाएं हैं। इसके साथ ही उन्होंने 100 मिलियन डॉलर में सैरगाह बनावाया है। जिसमें सिर्फ छोटे कद वालों को नौकरी दी जाती है। वे लोग आने वाले मेहमानों का मनोरंजन करते हैं।

किस आरोप में गिरफ्तार हुए हैं अल्वालीद?
दरअसल सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के आरोप में लिप्त 11 राजकुमारों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें अल्वालीद भी शामिल थे। सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है, जिसका मकसद सार्वजनिक धन की रक्षा करना, भ्रष्टा लोगों समेत उन अधिकारियों को सजा दिलाना जो अपने पद का लाभ उठाते हैं।