गुना नपा के सफाईकर्मियों ने जज्जी बस स्टैंड को बनाया ट्रेचिंग ग्राउंड

यह कैसी सफाई व्यवस्था
एसडीएम ने कई बार किया निरीक्षण फिर भी नहीं आया सुधार
यात्रियों से लेकर बस ऑपरेटर अव्यवस्थाओं से नाराज

By: Narendra Kushwah

Published: 22 Mar 2020, 12:50 PM IST

गुना. इन दिनों जहां कोरोना वायरस से बचाव को लेकर शासन-प्रशासन आमजन को उचित साफ सफाई रखने की समझाइश दे रहा है। वही इन निर्देशों का पालन खुद प्रशासनिक अधिकारी नहीं कर रहे हैं। इसका एक उदाहरण है शहर का जज्जी बस स्टैंड। जहां सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। लेकिन नपा के सफाईकर्मियों ने इसे अघोषित ट्रेचिंग ग्राउंड में तब्दील कर दिया है। विभिन्न वार्डों से एकत्रित कर लाए गए कचरे को बस स्टैंड पर बीते काफी समय से डंप किया जा रहा है। जिससे न सिर्फ यात्रियों को बल्कि बस ऑपरेटर व अन्य दुकानदारों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिंताजनक बात यह है कि बीते दो साल से अब तक कई बार एसडीएम बस स्टैंड का निरीक्षण कर चुकी हैं लेकिन व्यवस्थाओं में नाम मात्र भी सुधार नहीं आ सका है। जिससे यात्रियों के साथ-साथ बस ऑपरेटर व अन्य दुकानदारों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
जानकारी के मुताबिक सरकार ने यात्री व बस ऑपरेटर की सुविधा के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर बस स्टैंड का निर्माण तो करवा दिया। लेकिन यहां सफाई सफाई से लेकर अन्य जरूरी सुविधाएं व व्यवस्थाएं जुटाने में प्रशासन अब तक नाकाम साबित हुआ है। यही कारण है कि करोडों रुपए की लागत से निर्मित बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए सिर्फ छाया की व्यवस्था है। सफाई के मामले में सबसे बुरे हालात हैं। जहां यात्री बैठकर बसों का इंतजार करते हैं, वहां पूरे परिसर मेें गंदगी बिखरी हुई थी। महिला स्तनपान कक्ष के हालात तो बहुत ही खतरनाक नजर आए। जो कक्ष महिलाओं के लिए आरक्षित है वहां पुरुष सदस्य सोते हुए मिले। कक्ष के अंदर टॉयलेट व आपत्तिजनक सामग्री पड़ी हुई थी।
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सूत्र सेवा बस संचालन का कार्यालय का काम अधूरा
यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने अमृत योजना के तहत सूत्र सेवा की बसें प्रारंभ की। इन बसों के संचालन के लिए जज्जी बस स्टैंड का एक हिस्सा बेरीकेट्स लगाकर आरक्षित किया गया। यात्रियों को टिकट वितरण से लेकर बसों की संपूर्ण जानकारी देने ेके लिए एक कार्यालय भी खोले जाने की बात कही गई। इस कार्यालय का निर्माण भी कराया गया लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका है। यही नहीं बीते दिनों एसडीएम शिवानी गर्ग ने बस स्टैंड का निरीक्षण किया था। इस दौरान सूत्र सेवा की बसें संचालन के लिए बनाए गए कार्यालय को भी देखा था। साथ ही अधूरे निर्माण को पूरा करने के निर्देश भी दिए थे। लेकिन इसके बाद निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
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डीजल खर्च बढ़ाने यहां डाल रहे कचरा
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नगर पालिका कार्यालय में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय हुआ था कि डस्टबिन की खरीदी न की जाए। इसके बजाए डोर-टू-डोर कलेक्शन वाली गाडिय़ां खरीदी जाएंगी। इसकी मुख्य वजह खुले में कचरा फैलने से रोकना था। लेकिन नपा के सफाईकर्मी वार्डों से कचरे को एकत्रित कर सकतपुर स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड पर सीधे पहुंचाने के बजाए डीजल खर्च को बढ़ाने के लिए इस कचरे को पहले बस स्टैंड परिसर में तांगा स्टैंड के पास डंप करते हंै। इसके बाद इस कचरे को जेसीबी की मदद से ट्रॉली में भरा जाता है फिर उसे टे्रचिंग ग्राउंड भेजा जाता है। इस अव्यवस्था के कारण ही बस स्टैंड पर गंदगी के हालात बने हुए हैं।

Narendra Kushwah Reporting
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