Mizoram: बाहरी पर फिर बवाल, सम्पत्ति देने पर उठ रहे सवाल

Mizoram: मिजोरम व्यापारी संघ ने स्थानीय निवासियों से बाहरी लोगों (Outsiders) को किराए पर संपत्ति नहीं देने का आग्रह किया है। मिजोरम व्यापार संघ ने सभी...

By: Nitin Bhal

Published: 05 Sep 2019, 07:19 PM IST

आइजोल (सुवालाल जांगु). मिजोरम व्यापारी संघ ने स्थानीय निवासियों से बाहरी लोगों को किराए पर संपत्ति नहीं देने का आग्रह किया है। मिजोरम व्यापार संघ ने सभी स्थानीय और मूल भूस्वामियों, संपत्ति मालिकों को लिखित में अनुरोध पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया हैं कि बाहरी लोगों को जमीन, दुकान, मकान और अन्य संपत्तियों को किराया पर नहीं दी जाए। मिज़ोरम व्यापार संघ (एमआइएमए) मिज़ोरम राज्य के व्यापारियों का एक संगठन है। इस व्यापार संघ की एक टीम ने अगस्त महीने में प्रत्येक शनिवार को आइजोल शहर में एक मुहिम के तहत बाहरी लोगों के द्वारा चलाई जा रही दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की थी। एमआइएमए द्वारा अगस्त महीने में की गई विशेष जांच-अभियान के तहत राजधानी आइज़ोल में 80 के करीब दुकानें बाहरी लोगों द्वारा संचालित होने की बात सामने आई थी। एमआइएमए की एक टीम ने जांच के बाद एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट के आधार पर एमआइएमए ने शहर के स्थानीय और मूल निवासियों से अपनी किसी भी प्रकार की संपत्ति जैसे दुकान, मकान, जमीन को बाहरी और गैर-मिजो को व्यावसायिक उद्देश्य से किराए पर नहीं देने के लिए कहा है।

इसलिए किया आग्रह

Mizoram: बाहरी पर फिर बवाल, सम्पत्ति देने पर उठ रहे सवाल

एमआइएमआइए के अध्यक्ष पीसी ललदिन थारा ने बताया कि यह लिखित-आग्रह और जांच-मुहिम इसलिए कि गई ताकि स्थानीय मिजो समुदाय को बाहरी लोगों के प्रभाव से बचाया जा सके। थारा ने कहा कि यह संघ राज्य के स्थानीय मिजो लोगों के हित और राज्य के संरक्षण में सतत और अथक प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि लोगों को सामान्य तौर पर और ख़ासकर व्यापारियों को राज्य की संवेदनशीलता को लेकर अब सजग हो जाना चाहिए। स्थानीय मिज़ो दुकानदारों और व्यापारियों को हड़ताल, सडक़मार्ग बाधित होने या शटडाउन की स्थिति में चीजों की कीमतें नहीं बढ़ानी चाहिए।

आइएलपी प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग

Mizoram: बाहरी पर फिर बवाल, सम्पत्ति देने पर उठ रहे सवाल

ललदिनथारा ने राज्य सरकार से इनर-लाइन परमिट (आइएलपी) को प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह किया। उसने राज्य से राजनीतिक दलों, एनजीओ और लोगों से राज्य के संरक्षण के लिए समूहिक प्रयास करने और इस दिशा में समुचित कार्रवाई करने पर जोर दिया। राज्य में अभी मानसून के समय एक बड़ा भूस्खलन होने की वजह से साइरांग और माउलखंग से गुजरने वाला एनएच-54 एक महीने तक बाधित रहा जिसकी वजह से राज्य में महंगाई तेज रफ्तार से बढ़ गई थी।

Nitin Bhal Desk
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