11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में 10वीं फेल ने खोल दिया अस्पताल, डॉक्टर बन कराता डिलीवरी, हुआ बड़ा कांड तो खुला राज

चिकित्सा विभाग की टीम ने ऑपरेशन ब्लैक थंडर के तहत राजस्थान गुजरात बोर्डर पर पुनावाड़ा गांव में पिछले तीन साल से फर्जी तरीके से एक किराये के कमरे में संचालित चिकित्सालय का भांडा फोड़कर किया है।

2 min read
Google source verification

Dungarpur News : चिकित्सा विभाग की टीम ने ऑपरेशन ब्लैक थंडर के तहत राजस्थान गुजरात बोर्डर पर पुनावाड़ा गांव में पिछले तीन साल से फर्जी तरीके से एक किराये के कमरे में संचालित चिकित्सालय का भांडा फोड़कर किया है। साथ ही अस्पताल संचालक दसवीं फेल एक युवक के खिलाफ धंबोला थाने में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर अनुसंधान शुरू कर दिया हैं।

सीएमएसओ डाॅ अलकार गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन ब्लैक थंडर के तहत टीम पुनावाड़ा गांव में मॉ जनरल हॉस्पिटल पहुंची। यहां पर कोई चिकित्सक व स्टॉफ मौजूद नही था। चिकित्सालय में कुल आठ बेड थे। इनमें से दो बेड पर दो मरीज भर्ती थे। महिला सुमित्रा पत्नी राकेश डामोर ने बताया कि कुछ देर पहले ही उसकी डिलेवरी हुई है। उसने एक बच्ची का जन्म दिया है। वहीं, दूसरे बेड पर डूंगरसारण निवासी तेजल पुत्री रामलाल अहारी भी भर्ती थी। जांच के दौरान यह चिकित्सालय जितेंद्र भगोरा की ओर से चलाना पाया गया और जांच के दौरान चिकित्सक होने के कोई दस्तावेज मौके से नही मिले । वहीं, टीम ने जितेंद्र को झोलाछाप बताया। टीम में बीसीएमएचओ डाॅ नरेंद्र प्रजापत, डाॅ रोहित लबाना, नर्सिंग ऑफिसर मदनलाल, युवराज व कांस्टेबल युवराज शामिल रहे।

यह भी पढ़ें : भजनलाल सरकार ने हजारों परिवार को दी राहत, इस जरूरी काम के लिए दिया एक और मौका

गुजरात में करता था सफाई काम
सीएमएचओ ने बताया कि चिकित्सालय मेघरेज निवासी जितेंद्र भगोरा संचालित कर रहा था। इससे पहले वह गुजरात के एक निजी चिकित्सालय में सफाईकर्मी का काम करता था। यहां पर लेबर रुम में ड्यूटी होने कारण वह काम को जानने लगा एवं यहां पुनावाड़ा में एक चिकित्सालय खोल दिया। टीम को मौके पर गर्भपात, बीपी, एंटीबाइटिक दवाइयां मिली है। जिसे जब्त किया है।

बीसीएमएसओ प्रजापत ने बताया कि जितेंद्र ने गुजरात की सीमा से लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर चिकित्सालय खोल रखा है। गुजरात का निवासी होने से गुजराती भाषा जानता है। यहां राजस्थान के साथ ही गुजरात से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे।