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गुवाहाटी:सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की अब खैर नहीं,पुलिस रख रही हर एक्टिविटी पर नजर

राज्य सरकार ने साइबर पेट्रोलिंग के लिए एक विशेष यूनिट के गठन का निर्णय लिया है

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police photo

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राजीव कुमार की रिपोर्ट.....

(गुवाहाटी): असम में पुलिस ने अब सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और सांप्रदायिक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरु की है। इसके तहत अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

वायरल होती अपवाहों के कारण हो चुकी है दो लोगों की हत्या

कार्बी आंग्लांग जिले के डकमका थानातंर्गत पानजुरी गांव में शुक्रवार की रात गुवाहाटी के दो युवकों की हत्या बच्चा चुराने के गिरोह के सदस्य समझकर कर दी गई थी। राज्य में पिछले कुछ दिनों से बच्चा चुराने के गिरोह के सक्रिय होने की अफवाह सोशल मीडिया में छाई हुई है। इसी का नतीजा था कि नीलोत्पल दास औऱ अभिजीत नाथ की कुछ असामाजिक तत्वों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी।

वहीं राज्य की मुख्य सचिव टी वाई दास ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(सुरक्षा)हरमीत सिंह को उस टीम का नेतृत्व करने के लिए लगाया गया है जो सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कमेंट लिखने के साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई कर रही है।

साइबर पेट्रोलिंग यूनिट के गठन का निर्णय

राज्य सरकार ने साइबर पेट्रोलिंग के लिए एक विशेष यूनिट के गठन का निर्णय लिया है। पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया का कहना है कि यदि जरुरी हुआ तो अधिक तकनीकी लोगों को इस काम में लगाया जाएगा। वहीं गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त हीरेन नाथ ने गुवाहाटी के तीन पुलिस जिलों में धारा 144 लगाने के साथ ही किसी भी प्रदर्शन या विरोध के लिए पहले अनुमति लेने की बाध्यता कर दी है।

प्रदर्शन के दौरान पांच पुलिसकर्मी और छह जने घायल

उल्‍लेखनीय है कि दो युवकों की हत्या के विरोध में रविवार की रात लोग स्वतः चांदमारी इलाके में इकट्ठा हुए और रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान किसी ने पुलिस पर बोतल फेंक दी तो पुलिस ने लाठी चार्ज की। इसमें पांच पुलिसकर्मी तथ लगभग छह लोग घायल हुए। पुलिस ने घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं आरटीआई कर्मी तथा किसान नेता अखिल गोगोई ने चांदमारी थाने में प्राथमिक दर्ज कराई है कि नागरिकता संशोधन विधेयक के आंदोलन को कुचलने के लिए आरएसएस और भाजपा के लोग बच्चे चुराने की अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी(एनआरसी)के प्रकाशन के पहले अशांति फैलाने की भी कोशिश है। इसके संबंध में उन्होंने तथ्य भी सौंपे हैं।