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अब बिना शुल्क के नहीं घूम सकेंगे प्यार के प्रतीक इस कुंड को,यह है बड़ी वजह

शादीशुदा जोड़े घूमने फिरने के लिए हमेशा ऐसी जगहों की तलाश करते हैं जो बहुत रोमांटिक हो, बहुत से कपल्स ऐसे भी हैं जिन्हे धार्मिक जगहों पर घूमना फिरना ब

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Bhadaiya Kund  of mp

Bhadaiya Kund

ग्वालियर। शादीशुदा जोड़े घूमने फिरने के लिए हमेशा ऐसी जगहों की तलाश करते हैं जो बहुत रोमांटिक हो, बहुत से कपल्स ऐसे भी हैं जिन्हे धार्मिक जगहों पर घूमना फिरना बहुत पसंद होता है। हम आपको एक ऐसे कुंड के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में कहा जाता है की अगर पति-पत्नी इस कुंड में एक साथ नहाएं तो उनके बीच के सभी मन मुटाव दूर हो जाते हैं। इस कुंड का नाम है भदैया कुंड यह शिवपुरी में मौजूद है। लेकिन यदि आप अब शहर के प्राचीन पर्यटन स्थल भदैया कुंड पर घूमने जा रहे हैं तो जेब में पैसा डालकर जाएं। क्योंकि अब एंट्री करने से लेकर वाहन रखने तक के लिए शुल्क देना होगा। जिला पर्यटन संवर्धन समिति (डीटीपीसी) ने भदैया कुंडको ठेके पर उठा दिया,जिसकी हर महीने राशि ठेका लेने वाले को जमा करनी होगी।

शहर से 3 किमी दूर स्थित भदैया कुंड पर अभी तक कोई शुल्क नहीं लगता था, लेकिन अब यहां लोगों को शुल्क देना होगा। जिसमें वयस्क व्यक्ति से 10 रुपए तथा 5 साल से कम उम्र के बच्चे के पांच रुपए का टिकट कटेगा। इतना ही नहीं दुपहिया वाहन के 5 रुपए तथा चार पहिया वाहन के 10 रुपए पार्किंग शुल्क देना होगा।

डीटीपीसी ने यह ठेका पूर्व में ही दे दिया और ठेकेदार श्रीकांत श्रीधर को 4 जनवरी से इसे शुरू करना था। लेकिन माहौल देखने ठेकेदार ने 10 दिन का समय लिया और 14 जनवरी से इसे शुरू कर दिया है। डीटीपीसी की ओर से भदैया कुंड का काम देख रहे रिटायर्ड एकाउंटेंट रामपाल सिंह कुशवाह ने बताया कि भदैया कुंड में एंट्री फीस का ठेका 7070 रुपए में दिया गया है, जबकि कैफेेट एरिया संचालित करने वाले ठेकेदार को हर महीने 10080 रुपए देने होंगे।

भूरा खो की तरह न हो जाए भदैया कुंड
ज्ञात रहे कि शिवपुरी के पर्यटन स्थलों में भूरा खो का नाम भी है। जब तक इस पर्यटन स्थल तक जाने का कोई शुल्क नहीं था, तब तक यहां लोग अधिक संख्या में आया करते थे। लेकिन जैसे ही वहां पर नेशनल पार्क का गेट बनाकर उसमें शुल्क लगाया गया, वहां अब सन्नाटा पसरा रहता है। लोगों में यह भी चर्चा है कि कहीं भदैया कुंड की स्थिति भी भूरा खो जैसी न हो जाए।

बिखरी पड़ी है गंदगी
भदैया कुंडमें अभी पानी कम होने के साथ-साथ सभी कुंडों में गंदगी बिखरी पड़ी है। इसके अलावा अभी तक चिल्ड्रन जोन का काम भी अभी अधर में ही अटका हुआ है। यदि कुंडों की साफ-सफाई करने के साथ चिल्ड्रन जोन भी शुरू हो जाता, तो शायद शुल्क देकर जाने में लोग असहज महसूस नहीं करते। हालांकि ठेका लेने वाले को ही यहां साफ-सफाई के अलावा सुरक्षा के इंतजाम करने होंगे।

"भदैया कुंड की साफ-सफाई व सुरक्षा आदि की जिम्मेदारी एंट्री फीस लेने वाले ठेकेदार की होगी। चिल्ड्रन जोन का काम भी जल्दी ही पूरा करवाते हैं, ताकि वहां बच्चों को भी खेलने के लिए पर्याप्त व बेहतर जगह मिल सके।"
रूपेश उपाध्याय, एसडीएम एवं सचिव डीटीपीसी