script अपीलार्थी को बिना सुने कैसे फैसला किया, ऐसे आदेश पारित क्यों हो रहे, संभागायुक्त को किया तलब | How was the decision taken without hearing the appellant, why are such | Patrika News

अपीलार्थी को बिना सुने कैसे फैसला किया, ऐसे आदेश पारित क्यों हो रहे, संभागायुक्त को किया तलब

locationग्वालियरPublished: Jan 31, 2024 12:00:40 pm

Submitted by:

Balbir Rawat

संभागायुक्त ने बिना विवेक का उपयोग करे फैसला किया है। अपीलार्थी को भी नहीं सुना गया है।

अपीलार्थी को बिना सुने कैसे फैसला किया, ऐसे आदेश पारित क्यों हो रहे, संभागायुक्त को किया तलब
अपीलार्थी को बिना सुने कैसे फैसला किया, ऐसे आदेश पारित क्यों हो रहे, संभागायुक्त को किया तलब
ग्वालियर। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि संभागायुक्त ने बिना विवेक का उपयोग करे फैसला किया है। अपीलार्थी को भी नहीं सुना गया है। ऐसे फैसले क्यों पारित होते हैं। इसका स्पष्टीकरण देने के लिए संभागायुक्त 1 फरवरी को कोर्ट में मौजूद रहें।
दरअसल मुन्नीदेवी के पति के खिलाफ केस दर्ज होने पर ग्वालियर कलेक्टर ने उसका शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ संभागायुक्त के यहां अपील दायर की। संभागायुक्त ने भी अपील निरस्त कर दी। इसके बाद 2018 में मुन्नीदेवी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। संभागायुक्त के आदेश को चुनौती दी। उसकी ओर से तर्क दिया कि संभागायुक्त ने बिना सुने फैसला किया है। शासकीय अधिवक्ता सोहित मिश्रा ने तर्क दिया कि धारा 17 में लाइसेंस निलंबित करने का अधिकार है। लाइसेंस धारी पर केस चलता है तो तब तक शस्त्र लाइसेंस निलंबित रहेगा। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयुक्त को तलब किया है।

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