नई सरकार की घोषणा के बाद गफलत में योजना, नई सूची में उलझ रही कर्जमाफी

नई सरकार की घोषणा के बाद गफलत में योजना, नई सूची में उलझ रही कर्जमाफी

By: Gaurav Sen

Published: 30 Dec 2018, 05:20 PM IST

दतिया. दो दिन पहले आए आदेश के बाद कर्जमाफी को लेकर संशय गहराने लगा है। शासन ने कर्जमाफी के प्लान में मामूली परिवर्तन कर दिया है। अब कर्जदार किसानों की सितंबर के बजाय नवंबर तक गणना की जाएगी। नवंबर तक बीज-खाद लेने वाले किसानों को भी कर्जमाफी का फायदा होगा। इससे कर्जदार किसानों की नई सूची में हजारों किसान जुड़ जाएंगे। कांग्रेस सरकार को बने अभी 20 दिन से ज्यादा हो चुके हैं पर अब तक कर्जमाफी होना तो दूर की बात यह तय ही नहीं हो सका है कि कितने किसानों को इसका लाभ होने वाला है।

कांगे्रस की सरकार बनते ही सीएम कमलनाथ ने 12 दिसंबर को घोषणा की थी कि किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज दस दिन में माफ कर दिया जाएगा। पहले ही आदेशजारी होने के बाद सहकारिता विभाग में खलबली मच गई थी आदेश प्राप्त होते ही आनन-फानन में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक ने पात्र किसानों की सूची तैयार करना शुरू कर दी थी। कुछ दिन बाद ही आदेश आया कि अब 31 मार्च 2018 तक नहीं बल्कि 30 सितंबर तक कर्ज लेने वालों के दो लाख माफ हो जाएंगे। गुरुवार को फिर नया आदेश आया कि अब 30 नवंबर 2018 की स्थिति तक कर्जदार हुए किसानों को लाभ देने का आदेश आ गया। नई स्थिति के अनुसार अधिकारियों ने फिर से सूचियां खंगालना शुरू कर दी हैं। सहकारी समितियों को हिदायत दी जा चुकी है कि वे जल्द से जल्द सूची तैयार कर भेजें ताकि किसानों को लाभ हो सके।

34 हजार से ज्यादा किसान हैं डिफॉल्टर
प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें तो पता लगेगा कि अभी तक की स्थिति में जिले के 34 हजार से ज्यादा किसान डिफॉल्टर हैं । इन पर खाद-बीज की राशि बकाया है। वहीं नए किसानो की संख्या दो हजार के करीब है, लेकिन अब यह संख्या फिर बदलेगी। क्यों कि अक्टूबर से नवंबर तक से 60 दिनों में कितने किसानों ने कितनी राशि का खाद-बीज लिया। इसके बारे में जानकारी दी जानी है। इस तरह के किसानों की संख्या भी हजारों में है ।

एक साल कर्ज चुकाया नहीं, हुए डिफॉप्लटर
जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक में डिफॉल्टर किसानों की जो संख्या है वे ऐसे हैं जिन्होंने खाद-बीज के लिए अल्पकालीन लोन (एक साल के लिए) तो लिया है पर वे उसे वापस नहीं कर सके। पिछले कई साल से कर्ज में डूबे रहने के बाद भी वे राशि जमा नहीं कर सके। इसी तरह के किसानों के लिए यह योजना शुरू की है।

बैंक प्रबंधन जिले की सभी सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों की संख्या जुटाने में लग गई है जो कि 30 नवंबर 2018 तक की स्थिति में कर्जदार हैं। कयास लगाया जा रहा है कि दो महीने में और कर्ज लेने वाले किसानों की संख्या में करीब चार हजार किसान बढ़ सकते हैं।

मंगाई जा रही हंै सूचियां
पहले 30 सितंबर 2018 तक कर्जदार किसानों की संख्या के आधार पर किसानो कर्ज माफ किया जाना था लेकिन अब 30 नवंबर तक की स्थिति वाले किसान भी जोड़े जा रहेै हैं। ये संख्या जल्द ही मंगाई जा रही है।
आरकेएस चौहान, सीईओ, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक)

Gaurav Sen
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