खड़े ट्रक में घुसी बस, एक की मौत, पोकलेन मशीन से निकाला क्लीनर का शव

खड़े ट्रक में घुसी बस, एक की मौत, पोकलेन मशीन से निकाला क्लीनर का शव

By: Gaurav Sen

Published: 24 May 2018, 09:46 AM IST

ग्वालियर। कोटा से ग्वालियर आ रही वीडियोकोच बस ट्रक को ओवरटेक करने के चक्कर में सड़क किनारे खड़े सरियों से भरे ट्रक में घुस गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रक में धंस गया। ट्रक से निकल रहे सरिये बस में घुस गए। जिससे केबिन में बैठे क्लीनर की मौत हो गई और १२ लोग घायल हो गए। घटना के वक्त यात्री सो रहे थे। हादसे के बाद नींद खुली तो चीख पुकार मच गई। कुछ देर बाद स्थानीय लोग और पुलिस आ गई।


घायल यात्रियों को बस से उतारकर एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। बस में बुरी तरह फंसे क्लीनर के शव को बाहर निकालने पोकलेन मशीन बुलाई फिर बस की चादर काटी गई और शव को बाहर निकाला। बस में अधिकांश छात्र बैठे थे जो पेपर देने ग्वालियर आ रहे थे। हादसा बुधवार सुबह करीब ५.३० बज घाटीगांव में कनहर झील के पास एबी रोड पर हुआ।

 

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जयश्री नाथ ट्रैवल्स की बस क्रमांक आरजे 20 पीबी 7777 रात करीब 9.30 बजे कोटा से ग्वलियर के लिए निकली थी। बस में करीब ४५-५० यात्री बैठे थे। घायल यात्रियों का कहना है कोटा से निकलते ही ड्राइवर बस को तेज रफ्तार में चला रहा था। उसे टोका लेकिन उसने अनसुना कर दिया। घाटीगांव के पास उसने ट्रक क्रमांक एमपी 07 एचबी 6383 में बस ठोक दी। डीजल खत्म होने से ट्रक सड़क किनारे खड़ा था। हादसे में बूंदी (राजस्थान) निवासी मोनू मेघवाल (25) पुत्र बृजलाल की मौत हो गई। १२ यात्री घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जेएएच भेजा गया। जिसमें ८ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया। ४ अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।


किसी का हाथ किसी का पैर फ्रैक्चर
हादसे में बस्ती (यूपी) निवासी विशाल मिश्रा, दिलीप नागर, राजेश नागर, पायल, त्रिलोक शर्मा सभी निवासी कोटा, इव डेनियल निवासी श्योपुर, गोरा बाई निवासी राजस्थान घायल हुए हैं। जिसमें विशाल का पैर और गोरा के हाथ में फ्रैक्चर हुए हैं।


नहीं दे सका पेपर
बस में बस्ती निवासी विशाल मिश्रा भी थे बुधवार दोपहर २.३० बजे से बड़ा गांव स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पेपर था लेकिन बस की टक्कर में पैर फ्रैक्चर हो गया। इस कारण वह परीक्षा भी नहीं दे सका।


रफ्तार में थी बस
मैं बेटी सुनीता से मिलने आ रही थी। ग्वालियर कुछ दूर ही था इसलिए मैं जाग रही थी। ड्राइवर बस को तेज रफ्तार में चला रहा था। हादसे के बाद मैं सीट से गिर पड़ी। मेरी ऊपर और लोग भी गिरे।
गौरा बाई, बस में सवार यात्री


ड्राइवर ने नहीं सुनी
ड्राइवर को कुछ यात्रियों ने टोका कि वह स्पीड कम कर दे लेकिन उसने नहीं सुना। जिसका नतीजा यह हुआ कि चालक ने खड़े ट्रक में बस ठोक दी। ट्रक में रखे सरिये से कई यात्री घायल हुए।
विशाल मिश्रा, बस में सवार छात्र

Gaurav Sen
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