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यहां से खरीदी सब्जी बना सकती है बीमारियों का शिकार , पढ़े पूरी खबर

यहां से खरीदी सब्जी बना सकती है बीमारियों का शिकार , पढ़े पूरी खबर
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ग्वालियर

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Parmanand Prajapati

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Updated: 31 Aug 2019, 7:39 PM IST

यहां से खरीदी सब्जी बना सकती है बीमारियों का शिकार , पढ़े पूरी खबर

यहां से खरीदी सब्जी बना सकती है बीमारियों का शिकार , पढ़े पूरी खबर

ग्वालियर. जिले की सबसे बड़ी लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी में अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। चारों तरफ कीचड़ है, उसी के बीच बैठकर फुटपाथी दुकानदार सब्जी बेच रहे हैं। यह सब्जी लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। मंडी बोर्ड द्वारा दुकानदारों से टैक्स वसूला जाता है, लेकिन उनकी सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है, इससे यहां आने वाले किसानों और व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लक्ष्मीगंज में जिले की सबसे बड़ी मंडी है, जहां २४ घंटे सब्जी का कारोबार होता है। मंडी में दूरदराज से किसान सब्जी बेचने और व्यापारी खरीदने के लिए आते हैं। यहां रजिस्टर्ड दुकानदारों से मंडी बोर्ड द्वारा डेढ़ प्रतिशत टैक्स वसूला जाता है, जिसका रेकॉर्ड मेंटेन किया जाता है। इसके अलावा फुटपाथ पर सब्जी बेचने वालों का कोई रेकॉर्ड नहीं रहता, जबकि मंडी बोर्ड द्वारा उनसे भी डेढ़ प्रतिशत टैक्स वसूला जाता है। बोर्ड द्वारा प्रतिदिन हजारों रुपए टैक्स की वसूली की जा रही है, लेकिन मंडी में सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है।


मं डी में प्रवेश करते ही कीचड़ देखने को मिलता है, उसके बीच ही फुटपाथी दुकानदार सब्जी बेचते हैं। कई बार सब्जियों के बोरों को कीचड़ के बीच ही डलवा दिया जाता है, जिससे सब्जियों में कीड़े पनपने लगते हैं और यही सब्जियां बाजार में बिकने के लिए पहुंच जाती हैं। वहीं यहां आने वाले लोगों को भी कीचड़ के कारण हर रोज परेशानी का सामना करना पड़ता है।

गंदगी, पशुओं का जमघट-मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी है। बारिश के दिनों में कीचड़ फैला रहता है। दुकानदारों द्वारा खराब सब्जियों को परिसर में ही डलवा दिया जाता है, जिससे गंदगी बढ़ जाती है और पशुओं का जमघट लग जाता है। मंडी परिसर में दुर्गंध आने से आने वाले लोगों को खासी परेशानी होती है।

केवल 30 दुकानों का रेकॉर्ड- मंडी में महज 30 दुकानदारों द्वारा रजिस्ट्रेशन कराया गया है, लेकिन एक सैकड़ा से अधिक पक्की और फुटपाथी दुकानें हैं, जिनसे मंडी बोर्ड द्वारा टैक्स की वसूली की जाती है, लेकिन रेकॉर्ड मेंटेन नहीं किया जाता है। केवल ३० दुकानदारों का ही रेकॉर्ड रखा जाता है।


-दुकानदारों से जो टैक्स वसूला जाता है वह तो भोपाल में जमा हो जाता है। जिस वजह से बजट का अभाव बना हुआ है, जिसके चलते ही यह परेशानी हो रही है, फिर भी सफाई कराई जाती है। शीघ्र ही व्यवस्थाओं में सुधार होगा।
देवेन्द्र सिंह जादौन, सचिव लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी

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